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Kathua : बिलावर में युवक की खुदकुशी के बाद फूटा गुस्सा, 19 घंटे बंद रही मोबाइल इंटरनेट सेवा
Fri, 07 Feb 2025 01:27 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, कठुआ
अमर उजाला नेटवर्क, कठुआ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 07 Feb 2025 01:27 AM IST
सार
वहीं, कानून-व्यवस्था की स्थिति को देख बिलावर व बनी में 19 घंटे इंटरनेट सेवाएं बंद रखी गईं। वीरवार शाम सात बजे इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गगई।
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बिलावर उपजिला अस्पताल में मृतक के परिजनों के साथ बैठे बनी विधायक डॉ रामेश्वर सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कठुआ जिले के उपमंडल बिलावर के लोहाई मल्हार के गांव भटौड़ी में युवक की आत्महत्या मामले में परिजनों में आक्रोश है। वहीं, कानून-व्यवस्था की स्थिति को देख बिलावर व बनी में 19 घंटे इंटरनेट सेवाएं बंद रखी गईं। वीरवार शाम सात बजे इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गगई।
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उधर, परिजन व स्थानीय विधायक बुधवार रात से वीरवार दोपहर तक उपजिला अस्पताल बिलावर में पुलिस के खिलाफ कार्रवाई, मृतक की पत्नी को नौकरी और परिवार को दस लाख रुपये मुआवजे की मांग के लोकर प्रदर्शन करते रहे। डीसी ने मामले में मजिस्ट्रेटी जांच बिठा दी है। पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) ने भी डीआईजी जम्मू, सांबा, कठुआ रेंज को जांच सौंपी है। परिवार ने मांगों को पूरा करने के लिए चार दिन का अल्टीमेटम दिया है।
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आरोप है कि भटौड़ी के मक्खनदीन और उनके पिता मुराददीन को पुलिस ने आतंकी मददगारों के रूप में पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। परिजनों का आरोप है कि दोनों की पिटाई की गई। पिता मुराददीन ने बताया कि पुलिस ने उन दोनों को जमकर पीटा। लात-घूसों से मारा। आरोप लगाया कि न सिर्फ बिलावर थाने, बल्कि थिएटर के पास एक कमरे में भी ले जाकर पिटाई की। शव का पोस्टमार्टम हो जाने के बाद भी परिवार आरोपियों पर कार्रवाई और अन्य मांगों को लेकर उपजिला अस्पताल बिलावर में जमे रहे।
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मजिट्रेटी जांच के आदेश के बाद भी वे नहीं माने। प्रशासन ने एक लाख रुपये मुआवजा देने की बात कही, लेकिन परिजन नहीं माने। हालांकि बाद में चार दिन का अल्टीमेटम देते हुए शव उठा लिया। शाम करीब 6 बजे शव को भटौड़ी में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। प्रशासन ने क्षेत्र में कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए बिलावर, लोहाई मल्हार समेत बनी के हिस्सों में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को बंद करा दिया है। मौके पर एसपी ऑपरेशन भी मौजूद रहे।
विधायक ने सीएम को फोन पर बताया मामला
बिलावर उपजिला अस्पताल में परिजनों के साथ माैजूद बनी के विधायक डॉ. रामेश्वर ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को फोन पर मामले की जानकारी दी। विधायक ने कहा, यह दुखद ही नहीं, शर्मनाक घटना भी है। परिवार का आरोप है कि पुलिस वालों ने पिता-पुत्र को थाने ले जाकर बेरहमी से पीटा। वह कसम खाता है कि उसने आज तक आतंकी नहीं देखे, फिर भी पुलिस नहीं मानी। वह आत्महत्या कर लेता है।
विधायक ने आरोप लगाया कि आरोपी पुलिसकर्मियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में सुसाइड नोट ही आरोपी को पकड़ने के लिए काफी होता है, लेकिन यहां वीडियो साक्ष्य के बाद भी कार्रवाई नहीं की जा रही। प्रशासन ने एक लाख रुपये बतौर मुआवजा देने की बात की, लेकिन परिवार को दस लाख मुआवजा, युवक की पत्नी को नौकरी और आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई चाहिए। प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया है कि मृतक की पत्नी को शुक्रवार तक नौकरी का आदेश दिया जाएगा।
वायरल वीडियो : युवक कहता है-पुलिस की पिटाई से बचने के लिए बनाई झूठी कहानी
वायरल वीडियो में युवक ने बताया कि उसने पुलिस की पिटाई से बचने के लिए आतंकी मदद की एक झूठी कहानी बनाई। इसमें पाकिस्तानी मददगारों के नंबर बताने की बात भी उसने पुलिस को बताई। उसने कहा कि पिटाई से बचने के लिए उसने यह सब झूठ कहा। वीडियो में मक्खनदीन ने सिर पर कुरान रखकर कहा कि उसने आतंकियों को नहीं देखा है। लेकिन पुलिस को बताई झूठी कहानी के बाद उनको देने के लिए कोई साक्ष्य भी नहीं है। इसके बाद युवक ने वीडियो के दौरान ही जहरीला पदार्थ निगल लिया।
महबूबा मुफ्ती ने सोशल मीडिया पर लिखा कठुआ से चौंकाने वाली खबर
पीडीपी प्रमुख एवं पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने एक्स पर लिखा, भटौड़ी निवासी 25 वर्षीय मक्खनदीन को बिलावर के एसएचओ ने ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) होने के झूठे आरोप में हिरासत में लिया। कथित तौर पर उसे पीटा गया और यातना दी गई। उससे जबरन कबूल करवाया गया और दुखद रूप से उसकी मौत हो गई। इलाके को सील कर दिया गया है और इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं, जिससे दहशत फैल गई है। लगातार कार्रवाई की जा रही है और और लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है। यह घटना बेगुनाह युवकों को झूठे आरोपों में फंसाने के परेशान करने वाले पैटर्न का अनुसरण करती प्रतीत होती है। मैं डीजीपी जम्मू-कश्मीर पुलिस से तत्काल जांच शुरू करने का आग्रह करती हूं।
केंद्र से जांच की मांग की है, प्रदेश सरकार भी करवाएगी : उमर
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक्स पर लिखा, मैंने बिलावर में पुलिस हिरासत में मक्खनदीन पर अत्यधिक बल प्रयोग और उत्पीड़न की खबरें देखी हैं। इसके कारण उसने आत्महत्या कर ली और बारामुला में ट्रक चालक वसीम अहमद मल्ला की फायरिंग में मौत हो गई। जिसे सेना ने ऐसी परिस्थितियों में गोली मार दी, जो पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। दोनों घटनाएं बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए था। स्थानीय लोगों के सहयोग और भागीदारी के बिना जम्मू-कश्मीर कभी भी पूरी तरह से सामान्य नहीं हो पाएगा और आतंक से मुक्त नहीं हो पाएगा। इस तरह की घटनाओं से उन लोगों के अलग-थलग पड़ने का खतरा है, जिन्हें हमें पूरी तरह से सामान्य स्थिति के लिए अपने साथ लेकर चलना चाहिए। दोनों घटनाओं को केंद्र सरकार के समक्ष उठाकर समयबद्ध व पारदर्शी जांच की मांग की है। जम्मू-कश्मीर सरकार भी जांच का आदेश देगी।