JNU: कश्मीरी छात्रों के बचाव में उतरीं महबूबा मुफ्ती
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जेएनयू प्रकरण में कश्मीरी छात्रों के उत्पीड़न की शिकायत पर पीडीपी के दो सदस्यीय दल ने विश्वविद्यालय का दौरा कर वहां स्थितियों की जानकारी हासिल की। उन्होंने वाइस चांसलर से भी मिलकर इस मुद्दे पर बात की।
पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा कि उन्होंने भी केंद्र सरकार से स्थिति को काबू में करने को कहा है, ताकि इसका कोई विपरीत असर रियासत में न पड़े।
उन्होंने कहा कि पीडीपी ने दो सदस्यीय दल को विश्वविद्यालय का दौरा कर यह पता लगाने को कहा है कि जम्मू-कश्मीर के छात्रों के साथ ऐसी कोई घटना तो नहीं हुई है। दल में पूर्व मंत्री डा. हसीब द्राबू और अमिताभ मट्टू हैं।
'कश्मीरी छात्रों का उत्पीड़न न हो'
इसके साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री से भी उन्हें मिलकर रियासत के छात्रों के मुद्दे पर बात करने को कहा है। जेएनयू प्रकरण पर महबूबा मुफ्ती ने देश विरोधी नारे लगाने के आरोपी छात्रों के खिलाफ निर्णय सुनाने की प्रवृत्ति से बचने की राजनीतिक दलों तथा मीडिया को सलाह देते हुए कहा कि फैसले के लिए कोर्ट पर छोड़ दिया जाना चाहिए।
मुझे विश्वास है कि कानून जेएनयू मामले में काम करेगा। राजनीतिक पार्टियों को कौन आरोपी है और कौन निर्दोष की वकालत बंद करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। मामला तब और ज्यादा बिगड़ गया जब लोग अपने को राष्ट्रवादी होने का दावा करने लगे और दूसरे को गैर राष्ट्रवादी साबित करने में जुट गए।