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29 सालों से रिफ्यूजियों की तरह जी रहे कश्मीरी पंडित, घर वापसी कि लगाईं गुहार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Thu, 27 Sep 2018 07:31 PM IST
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- फोटो : फाइल
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कश्मीरी पंडित ने मांगों के समर्थन में यूनाईटेड नेशन न्यूयार्क के सेक्रेटरी जनरल को मांगपत्र सौंपा। इस मौके पर पनुन कश्मीर के अध्यक्ष अश्वनी चुरंगू ने बताया कि 29 साल से कश्मीरी पंडित न्याय की मांग कर रहे हैं। अभी तक पंडितों को उनके अधिकार भी नहीं मिल पाए हैं।
कश्मीरी पंडित घर वापसी चाहते हैं। मौजूदा समय में पंडित रिफ्यूजियों की तरह जीवन व्यतीत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 1989-90 में पाकिस्तानी आतंकवादियों ने पंडितों को मौत के घाट उतारा। इसमें ज्यादा संख्या में कश्मीरी पंडितों की मौत हुई थी। अभी तक इस पर कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा सकी है।
हालात खराब होने के कारण मजबूरन कश्मीरी पंडितों को दूसरी जगहों में जाकर शरण लेनी पड़ी। पंडितों के धार्मिक स्थानों को भी नुकसान पहुंचाया गया। अंतर्राष्ट्रीय रिपोर्ट के अनुसार अढ़ाई लाख से तीन लाख कश्मीरी पंडितों को जम्मू और दिल्ली में जाकर बसना पड़ा था। कश्मीरी पंडित घर वापसी चाहते हैं। यहां पर पंडितों को सुरक्षा मुहैया करवाई जाए। कश्मीरी पंडित समय-समय पर मांगों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उठा चुके हैं। इस मौके पर संजय कौल और अन्य मौजूद रहे।
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कश्मीरी पंडित घर वापसी चाहते हैं। मौजूदा समय में पंडित रिफ्यूजियों की तरह जीवन व्यतीत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 1989-90 में पाकिस्तानी आतंकवादियों ने पंडितों को मौत के घाट उतारा। इसमें ज्यादा संख्या में कश्मीरी पंडितों की मौत हुई थी। अभी तक इस पर कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा सकी है।
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हालात खराब होने के कारण मजबूरन कश्मीरी पंडितों को दूसरी जगहों में जाकर शरण लेनी पड़ी। पंडितों के धार्मिक स्थानों को भी नुकसान पहुंचाया गया। अंतर्राष्ट्रीय रिपोर्ट के अनुसार अढ़ाई लाख से तीन लाख कश्मीरी पंडितों को जम्मू और दिल्ली में जाकर बसना पड़ा था। कश्मीरी पंडित घर वापसी चाहते हैं। यहां पर पंडितों को सुरक्षा मुहैया करवाई जाए। कश्मीरी पंडित समय-समय पर मांगों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उठा चुके हैं। इस मौके पर संजय कौल और अन्य मौजूद रहे।
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