फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   kashmiri pandits demands panun kashmir

'पनुन कश्मीर' की मांग कर रहे कश्मीरी पंडित

Tue, 14 Apr 2015 02:00 AM IST
Updated Tue, 14 Apr 2015 02:00 AM IST
विज्ञापन
kashmiri pandits demands panun kashmir

कश्मीरी पंडित कश्मीर में घर वापसी के लिए हर समय तैयार हैं, लेकिन जिस प्रकार मुख्यमंत्री के बयान बार-बार बदल रहे हैं, उसको देखकर लगता नहीं है कि कश्मीरी अलगाववादी नेता और मुख्यमंत्री कश्मीरी पंडितों की वापसी चाहते हैं। अगर राज्य और केंद्र सरकार कश्मीरी पंडितों की वापसी चाहती है तो इसका हल केवल पनुन कश्मीर है।

विज्ञापन


जिस प्रकार राज्य में हालात बने हैं, कश्मीर के विभाजन की सख्त जरूरत बन चुकी है। यह बातें सोमवार को पनुन कश्मीर हेडक्वार्टर जम्मू संयोजक के डा. अग्निशेखर ने प्रेस वार्ता में कही। उनके साथ चेयरमैन डा. अजय चुरंगू भी मौजूद थे। डा. अग्निशेखर ने कहा कि कश्मीरी पंडितों की वापसी को लेकर मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के बयान लगातार बदल रहे हैं।
विज्ञापन


मुख्यमंत्री कहते हैं कि ज्यादातर कश्मीरी दूसरे राज्यों और विदेशों में बस गए हैं और वे वापस नहीं आएंगे। अब मुख्यमंत्री गिलानी और यासीन मलिक के सुर के साथ सुर मिलाने लग गए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

कश्मीर विभाजन के आसार

kashmiri pandits demands panun kashmir

मुख्यमंत्री एक बात अच्छी तरह से समझ लें कि अगर कश्मीरी पंडितों की सुरक्षित तरीके से वापसी करवाई जाती है तो हर हाल में कश्मीरी पंडित वापस कश्मीर में जाएंगे और चाहे वह विदेश में रहते हैं या फिर अन्य राज्यों में।

डा. चुरंगु ने कहा कि कश्मीरी पंडितों की वापसी को लेकर कश्मीर में जिस प्रकार के हालात बन चुके हैं, इसको देखकर लगता है कि कश्मीर के विभाजन के बिना कोई विकल्प नहीं बचा है।

उनकी मांग है कि कश्मीर में झेलम नदी के किनारे पनुन कश्मीर कश्मीरी पंडितों के लिए तैयार किया जाए। यहीं पर कश्मीरी पंडित सुरक्षित तरीके से वापस जा सकते हैं।

उन्होंने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि 1990 में कश्मीर में आतंकवाद ने सिर उठाया था, जिसके कारण कश्मीरी पंडितों को कश्मीर को छोड़ना पड़ा था।

आतंकवाद के लिए माहौल 1986 में ही तैयार कर लिया था और जब कश्मीरी पंडितों को मजहबी दंगों का शिकार बनाया गया था।

कश्मीरी पंडितों ने मशाल जुलूस निकाला

kashmiri pandits demands panun kashmir

सेटेलाइट टाउन का विरोध करने वाले अलगाववादी नेताओं के खिलाफ जगती कोआर्डिनेशन कमेटी ने सोमवार को प्रेस क्लब के बाहर मशाल जुलूस निकाल कर जमकर प्रदर्शन और नारेबाजी की। कश्मीरी पंडितों का कहना था कि कश्मीर उनका है और कश्मीर में वापसी उनका हक बनता है। जो लोग उनका विरोध कर रहे हैं, वह आतंकवादियों से कम नहीं हैं।

शाम करीब सात बजे प्रधान रवि जुत्शी के नेतृत्व में कश्मीरी पंडितों ने मशाल जुलूस निकाला। कई कश्मीरी पंडितों ने हाथों में मोमबत्तियां थाम कर रखी थीं। जुलूस के दौरान कश्मीरी पंडितों ने विधायक इंजीनियर रशीद, गिलानी, यासीन मलिक और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन और नारेबाजी की।

प्रदर्शन के दौरान रवि जुत्शी ने कहा कि जबसे केंद्र सरकार ने कश्मीरी पंडितों की घर वापसी के लिए सेटेलाइट टाउन बनाने की बात की है, तब से ही कश्मीर में अलगाववादी नेता इसका विरोध कर रहे हैं। इन्हीं लोगों ने 26 वर्ष पहले कश्मीरी पंडितों को कश्मीर से निकालने के लिए साजिश रची थी। सभी कश्मीरी होमलैंड में वापस जाना चाहते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed