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भाईचारे की मिसाल: बड़गाम जिले में कश्मीरी पंडितों और मुसलमानों ने एक साथ मनाई जन्माष्टमी
Sun, 25 Aug 2019 03:57 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, श्रीनगर
अमर उजाला ब्यूरो, श्रीनगर
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 25 Aug 2019 03:57 AM IST
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krishna janmashtami jammu kashmir
- फोटो : अमर उजाला
जेएंडके से 370 हटाए जाने के बाद जारी तनाव भरे माहौल में कश्मीर में कश्मीरी पंडितों और मुसलमानों ने भाईचारे की मिसाल पेश की। दोनों समुदायों ने एक साथ मिलकर जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया।
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श्रीनगर से करीब 23 किलोमीटर दूर बड़गाम जिले के शेखपुरा इलाके में शुक्रवार रात ‘हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की’ के जयकारे लगे। क्षेत्र के तनावपूर्ण माहौल पर जयकारों की गूंज भारी पड़ती दिखी। लग ही नहीं रहा था कि यह नजारा श्रीनगर का है। स्थानीय मुस्लिम समुदाय के लोग कश्मीरी पंडित भाइयों के साथ महोत्सव में शामिल हुए।
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इतना ही नहीं एक कश्मीरी मुसलमान सलीम अहमद ने तो लल्ला के भजन उर्दू में लिखकर गाए। कश्मीरी पंडितों ने कहा, भले ही हालात तनावपूर्ण हैं लेकिन उनके लिए काफी पुख्ता सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। कश्मीरी मुसलमान भाइयों ने महोत्सव में शामिल होकर भाईचारे की मिसाल पेश की।
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मंदिरों में रही जन्माष्टमी की धूम
हर साल की तरह जन्माष्टमी पर हब्बाकदल में स्थित कंठलेश्वर मंदिर से निकलने वाली शोभा यात्रा नहीं निकल पाई लेकिन श्रीनगर के कई मंदिरों में जन्माष्टमी की धूम देखने को मिली। इनमे कंठलेश्वर मंदिर, गनपतयार मंदिर और हनुमान मंदिर शामिल हैं। इनमें विशेष पूजा अर्चना की गई। हालांकि मौजूदा हालात के चलते मंदिरों में भीड़ कम जरूर रही