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Jammu Kashmir Administration : कश्मीरी पंडित कर्मियों की सुरक्षित जिला मुख्यालयों पर होगी तैनाती
Mon, 16 May 2022 03:12 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 16 May 2022 03:12 AM IST
सार
उप राज्यपाल ने कर्मचारियों व परिवारों की सुरक्षा पुख्ता बनाने के दिए निर्देश। पीएम पैकेज कर्मचारियों के लिए उप राज्यपाल सचिवालय में विशेष सेल स्थापित की गई। 859 कर्मियों की प्रशासन ने सूची तैयार की है, जिन्हें आठ से 10 दिनों के भीतर नए स्थानों पर तैनाती दी जाएगी।
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मनोज सिन्हा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कश्मीरी पंडित कर्मचारी राहुल भट की बडगाम की चाडूरा तहसील कार्यालय में हत्या के बाद प्रदेश सरकार ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। अब प्रधानमंत्री पैकेज के तहत नियुक्त कश्मीरी पंडित समुदाय के कर्मचारियों की दूरदराज के इलाकों में तैनाती नहीं होगी। उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रखा जाएगा। उनकी जिला मुख्यालयों पर ही तैनाती होगी।
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पहले चरण में ऐसे 859 कर्मचारियों की प्रशासन ने सूची तैयार की है, जिन्हें आठ से 10 दिनों के भीतर नए स्थानों पर तैनाती दी जाएगी। ऐसा उनमें सुरक्षित होने का भाव जगाने के लिए किया जा रहा है। कर्मचारियों के साथ साथ उनके परिवारों की सुरक्षा को पुख्ता बनाने के लिए जम्मू कश्मीर पुलिस को निर्देश जारी किए जा चुके हैं। उपराज्यपाल ने श्रीनगर में कश्मीरी पंडितों की चिंताओं को लेकर मिले भाजपा प्रतिनिधिमंडल को यह आश्वासन दिया।
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एलजी ने आश्वासन दिया कि प्रधानमंत्री रोजगार पैकेज के तहत कश्मीर में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा और कल्याण से संबंधित सभी चिंताओं को समयबद्ध तरीके से हल कर लिया जाएगा। पूरे देश व उनके प्रशासन के लिए यह बड़ा संवेदनशील और भावनात्मक समय है। हम सब एकजुट होकर आतंकवाद से लड़ाई करेंगे। कश्मीरी पंडित राहुल भट की हत्या में शामिल दो आतंकियों को मार गिराया गया है। सुरक्षा बलो को पूरी स्वतंत्रता दी गई है कि वह शेष आतंकवादियों का भी सफाया करे। वह आश्वासन देते हैं कि जो भी इस घटना का सूत्रधार होगा या समर्थक होगा उसे जल्द सजा दी जाएगी।
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अतिरिक्त सचिव को बनाया नोडल अधिकारी
एलजी ने बताया कि प्रधानमंत्री पैकेज कर्मचारियों के लिए उपराज्यपाल सचिवालय में विशेष सेल का गठन किया गया है और अतिरिक्त सचिव अक्षय लाबरू को नोडल अफसर बनाया गया है। विशेष सेल पीएम पैकेज कर्मचारियों की समस्याओं को हल करने के लिए जिला प्रशासन व संबंधित विभागों में समन्वय स्थापित करने का काम करेगा।
गृह मंत्रालय में आज कश्मीर के हालात पर बैठक
सूत्रों ने बताया कि उप राज्यपाल सोमवार को घाटी के हालात, कश्मीरी पंडित कर्मचारी की हत्या से उत्पन्न स्थिति तथा इससे निपटने के लिए किए गए उपायों की गृह मंत्री अमित शाह को जानकारी देंगे। बताते हैं कि बैठक के लिए उप राज्यपाल दोपहर बाद नई दिल्ली रवाना हो गए हैं। सूत्रों का कहना है कि सारे प्रकरण को लेकर गृह मंत्रालय काफी गंभीर है। ऐसे में सोमवार को होने वाली बैठक काफी अहम बताई जा रही है।
पीएम पैकेज के कर्मियों का ब्यौरा जुटाया
सूत्रों ने बताया कि कश्मीर संभाग के सभी 10 जिलों में प्रधानमंत्री पैकेज के तहत नियुक्त सभी कर्मचारियों का ब्योरा जुटाया गया है। इनमें 859 कर्मचारी ऐसे पाए गए जिनकी दूरदराज और दुर्गम इलाके में तैनाती है। इन सभी कर्मचारियों को सुरक्षा का खतरा हो सकता है। प्रशासन की ओर से यह प्रयास किया जाएगा कि कर्मचारियों में सुरक्षा की भावना बनी रहे।
घाटी में तैनात हैं साढ़े चार हजार कर्मचारी
कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास के लिए पूरी घाटी में प्रधानमंत्री पैकेज के तहत लगभग साढ़े चार हजार कर्मचारी नियुक्त हैं। सरकार ने छह हजार पद इसके लिए तय किए हैं। ये सभी कर्मचारी स्कूल, राजस्व, चिकित्सा समेत अन्य विभागों में काम कर रहे हैं। ऑल पीएम पैकेज इम्प्लाइज फोरम के प्रवक्ता संजय कौल का कहना है कि पैकेज का प्रावधान उनमें मातृभूमि का भाव जागृत करने के लिए किया गया था, लेकिन इन घटनाओं की वजह से उनमें डर व भय का माहौल बना है। सरकारी रवैये और आतंकी गतिविधियों की वजह से अब वे अपने को मातृभूमि से अलग होता पा रहे हैं। सरकार को भेजे ज्ञापन में उन्होंने सुरक्षित स्थानों पर तैनाती देने की मांग की है। इसके तहत राहत आयुक्त जम्मू कार्यालय से उन्हें संबद्ध कर दिया जाए ताकि आगे की सेवाएं उनके कहने पर वे दे सकें।
कश्मीरी पंडित कर्मचारियों की एक सप्ताह में सुरक्षित स्थानों पर तैनाती कर दी जाएगी। उनकी कुछ और शिकायतें हैं उन पर भी गौर किया जाएगा। हम उनके दर्द और कठिनाइयों को समझते हैं। वे जहां भी रहेंगे प्रशासन उनकी सुरक्षा की पूरी व्यवस्था करेगा।
- मनोज सिन्हा, उप राज्यपाल