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जम्मू: कश्मीरी विस्थापित मुस्लिम बोले- दस महीने से नहीं मिला राशन और न मिली राहत राशि, किया प्रदर्शन
Tue, 11 Jun 2024 01:29 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Tue, 11 Jun 2024 01:29 PM IST
सार
ऑल कश्मीरी मुस्लिम माइग्रेंट एसोसिएशन का कहना है कि पिछले साल सितंबर से उन्हें राहत राशि व राशन नहीं मिल रही है। इसके कारण 1251 परिवार प्रभावित हैं।
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जम्मू में प्रदर्शन करते हुए
- फोटो : संजय कुमार
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विस्तार
जम्मू शहर में ऑल कश्मीरी मुस्लिम माइग्रेंट एसोसिएशन के सदस्यों ने मंगलवार को राहत और पुनर्वास कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 2023 के सितंबर से उन्हें राहत राशि व राशन नहीं मिल रही है। इसके कारण 1251 परिवार प्रभावित हैं।
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उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से भी मुलाकात कर चुके हैं, लेकिन मुलाकात के दो महीने बाद भी कोई पहल नहीं हुई। एसोसिएशन के अध्यक्ष नजीर अहमद ने कहा कि लंबे समय से राशन नहीं मिल रहा है। अगले सप्ताह ईद-उल-अजहा का पर्व है ऐसे में कश्मीरी मुस्लिम बिना राशन के ही इस पर्व को मानने पर मजबूर होंगे।
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नजीर अहमद ने कहा कि नंबर 2023 से उनका रिलीफ रोका गया है। उन्होंने कहा कि हम 32 साल से जम्मू में विस्थापन के रूप में रह रहे हैं। पहले हर महीने राशन मिलता था लेकिन अब राशन नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सिर्फ 1251 परिवारों का ही राहत राशि को बंद किया गया है। उपराज्यपाल ने माना था की कश्मीरी मुस्लिम विस्थापितों के साथ नाइंसाफी हुई है। राहत आयुक्त फाइल को सिर्फ एक से दूसरे कार्यालय भेज रहे है लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल रहा है।
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कश्मीरी विस्थापित मुसलमान आशिक हुसैन ने कहा कि सरकार ने 10 महीने पहले राहत राशि लेने वाले विस्थापितों की वेरिफिकेशन का सिलसिला शुरू किया था। इसमें से 1251 परिवारों को आज तक न राशन और न ही राहत राशि मिल रही है। रात राशि न मिलने का भी कोई कारण नहीं बताया जा रहा है। अगले सप्ताह ईद मनाई जाएगी।
ऐसे में कश्मीरी विस्थापित मुसलमान को इस बार भी बिना राशन के ही ईद माननी पड़ेगी। संगठन के अध्यक्ष नजीर अहमद ने कहा कि अगर हमारी मांगों पर गौर नहीं किया गया तो हम उग्र प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हो जाएंगे।