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GSTCouncil: पहली बार देश की राष्ट्रीय आर्थिक नीति के निर्धारण का केंद्र बना कश्मीर
राघवेंद्र नारायण मिश्र,अमर उजाला/जम्मू
Updated Thu, 18 May 2017 01:24 PM IST
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Arun Jaitley
- फोटो : File Photo
हिंसाग्रस्त कश्मीर में नए इतिहास रचने की तैयारी पूरी हो चुकी है। जन्नत की वादियों में जीएसटी काउंसिल की बैठक में नई दरों को मंजूरी मिल सकती है। बैठक में वस्तु एवं सेवा कर की दरों के अलावा संबंधित नियमों को भी अंतिम मंजूरी मिल सकती है। इस बैठक के बाद पूरे देश में एक जुलाई से जीएसटी लागू करने का रास्ता साफ हो जाएगा।
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जम्मू कश्मीर सरकार ने वीरवार से दो दिन 18 और 19 मई को होने वाली बैठक की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। रियासत के वित्त मंत्री डा. हसीब द्राबू इस आयोजन की देखरेख में जुटे हैं। जीएसटी काउंसिल की बैठक में देश भर के सभी राज्यों के वित्त मंत्रियों और वित्त सचिवों की शिरकत की संभावना है।
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जम्मू कश्मीर में जारी हिंसा के मद्देनजर प्रतिनिधियों की सुरक्षा के लिए सुरक्षा बलों के 1500 जवानों को तैनात किया गया है। सुरक्षा बल के जवान चप्पे-चप्पे पर नजर रखेंगे। रियासत सरकार ने बैठक में 69 केएएस अफसरों के अलावा 15 उप सचिवों और 40 अवर सचिवों की ड्यूटी लगाई है।
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- फोटो : File Photo
वित्त मंत्री अरुण जेटली समेत कई प्रतिनिधि श्रीनगर पहुंच चुके हैं। कुछ प्रतिनिधि वीरवार को जम्मू से श्रीनगर जाएंगे। वित्त मंत्री डा. द्राबू ने कहा कि इस बैठक की मेजबानी से कश्मीर देश की अर्थव्यवस्था में भारी बदलाव लाने वाली राष्ट्रीय नीति के निर्धारण का अहम हिस्सा बन जाएगा।
वित्त विभाग के सूत्रों का कहना है कि जीएसटी काउंसिल की बैठक श्रीनगर में आयोजित करने का राजनीतिक मायने भी महत्वपूर्ण है। यह आयोजन जम्मू-कश्मीर के भारत के अभिन्न अंग होने की प्रतिबद्धता से भी जुड़ा है।
देश के आर्थिक इतिहास में यह दर्ज होने वाला है कि जीएसटी पर कश्मीर में ही सभी राज्यों के बीच सहमति बनी। जम्मू कश्मीर सरकार इन अर्थों में इस बैठक को महत्व दे रही है। देश की किसी अहम नीति के निर्धारण में कश्मीर की भूमिका को शामिल करने के लिए जीएसटी काउंसिल श्रीनगर में मिल रही है।
वित्त विभाग के सूत्रों का कहना है कि जीएसटी काउंसिल की बैठक श्रीनगर में आयोजित करने का राजनीतिक मायने भी महत्वपूर्ण है। यह आयोजन जम्मू-कश्मीर के भारत के अभिन्न अंग होने की प्रतिबद्धता से भी जुड़ा है।
देश के आर्थिक इतिहास में यह दर्ज होने वाला है कि जीएसटी पर कश्मीर में ही सभी राज्यों के बीच सहमति बनी। जम्मू कश्मीर सरकार इन अर्थों में इस बैठक को महत्व दे रही है। देश की किसी अहम नीति के निर्धारण में कश्मीर की भूमिका को शामिल करने के लिए जीएसटी काउंसिल श्रीनगर में मिल रही है।