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रियासत में केंद्र का हस्तक्षेप शांति में बाधक: खुर्शीद
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Sun, 27 Dec 2015 11:00 PM IST
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पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने जम्मू-कश्मीर को भारत का अहम हिस्सा बताते हुए कहा है कि जब तक केंद्र सरकार और केंद्रीय एजेंसियों का रियासत में बेवजह हस्तक्षेप बंद नहीं होता, यहां पर शांति स्थापित नहीं हो सकती।
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अभिनव थियेटर सभागार में रविवार को ‘जम्मू साहित्य महोत्सव तवी किनारे’ के समापन समारोह में मुख्य अतिथि सलमान खुर्शीद ने कहा कि हम सोचते हैं कि जम्मू-कश्मीर पर हमें विशेष अधिकार प्राप्त हैं। यह ठीक नहीं है। जम्मू कश्मीर को देश में विशेष अधिकार प्राप्त है। इस पर नियत साफ रखने की जरूरत है।
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जम्मू कश्मीर देश का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को जम्मू कश्मीर के मामले में तभी हस्तक्षेप करना चाहिए, जबकि इसकी जरूरत हो। राजनीतिक और प्राकृतिक आपदा के मामले जैसे बाढ़ में हस्तक्षेप जायज है।
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उन्होंने कहा कि कश्मीर के युवाओं और देश के युवाओं में अधिक से अधिक मेल-मिलाप की जरूरत है। सांस्कृतिक, खेल आदि मामलों में यह होना चाहिए। केंद्र सरकार को कश्मीरी युवाओं को देश के विभिन्न हिस्सों में भेजने में सहयोग करना चाहिए।
उन्होंने कहा पिछले एक दशक से समान आचार संहिता की बात देश में हो रही है, लेकिन कोई समान आचार संहिता के बुनियादी सिद्धांतों पर चर्चा नहीं कर रहा। इस अवसर पर डोगरा सदर सभा के प्रधान गुलचैन सिंह चाढ़क ने कहा कि रियासत का देश में विशेष स्थान है। तवी किनारे साहित्य महोत्सव का आयोजन डोगरा सदर सभा की युवा इकाई के सहयोग से किया गया है।