Kashmir Flood: जम्मू के बाद कश्मीर में आफत, पांपोर-टेंगन बाईपास बांध टूटे; झेलम का पानी घरों में घुसा
प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में वीरवार को मौसम खुल गया लेकिन लोग तबाही के भय से उबर नहीं पा रहे हैं।
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जम्मू संभाग के बाद कश्मीर में बाढ़ की आफत ने जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया है। प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में वीरवार को मौसम खुल गया लेकिन लोग तबाही के भय से उबर नहीं पा रहे हैं। पांपोर और टेंगन बाईपास बांध टूटने व बडगाम जिले के जूनीपोरा के पास झेलम नदी के बांध में दरार आने से कई गांव जलमग्न हो गए हैं। किश्तवाड़ और उधमपुर में भूस्खलन के मामले सामने आए। कठुआ में बारिश थमने के बाद लोगों के घरों में दरारें आ रही हैं।
पुलवामा जिले में पांपोर के संबूरा में बांध टूटने से नौगाम के आसपास बाढ़ का खतरा बना हुआ है। टेंगन बाईपास पर भी बांध टूटने से रिहायशी इलाके में बाढ़ का पानी घुस गया है। कश्मीर के मंडलायुक्त अंशुल गर्ग ने बताया कि झेलम तटबंध टूटने के बाद एहतियात के तौर पर बडगाम के प्रभावित इलाकों से करीब 9,000 लोगों को निकाला गया है। जलस्तर घटने से स्थिति नियंत्रण में है। घबराने की जरूरत नहीं है।
मध्य कश्मीर के बडगाम जिले के जूनीपोरा के पास झेलम नदी के बांध में दरार आने से शालिना, रख शालिना और बागे शाकिरशाह गांव जलमग्न हो गए। इन गांवों के लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। बडगाम जिला प्रशासन के अनुसार जीएचएस वागूरा, जीएचएसएस खंदा, शेख-उल-आलम, एचएस वागूरा, जीएचएसएस बीकेपोरा, इस्लामिक पब्लिक एचएस क्रालपोरा और दार-उल-फतह डांगरपोरा में छह बचाव केंद्र सक्रिय कर दिए गए हैं। कई हिस्सों में बिजली-पानी की सेवाएं प्रभावित हैं।
किश्तवाड़ जिले के द्रबशाला में रतले पनबिजली परियोजना का अस्थायी शेड भूस्खलन की चपेट में आ गया। यहां पांच लोग मलबे में दब गए। सभी को सुरक्षित निकाल लिया गया है। तीन का जीएमसी डोडा और दो का उप जिला अस्पताल ठाठरी में इलाज चल रहा है। किश्तवाड़ के उपायुक्त पंकज शर्मा ने बताया कि सभी घायल सुरक्षित हैं। उधमपुर के चिनैनी के लाटी-ए के पास भूस्खलन के कारण एक हाई स्कूल और एक मकान बह गया है। श्री माता वैष्णो देवी यात्रा 26 अगस्त को यात्रा मार्ग पर भूस्खलन के बाद से बंद पड़ी है।
जम्मू और पंजाब में बाढ़ से सीमा पर 110 किमी से अधिक बाड़ क्षतिग्रस्त, बीएसएफ की 90 चौकियां जलमग्न
जम्मू और पंजाब के अग्रिम इलाकों में बाढ़ के कारण भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) की 110 किलोमीटर से अधिक बाड़ क्षतिग्रस्त हो गई है। वहीं बीएसएफ की 90 चौकियां जलमग्न हो गई हैं।
दस दिन से नियमित ट्रेनें नहीं चल रहीं
जम्मू और कटड़ा से 26 अगस्त से नियमित ट्रेनों का संचालन बंद पड़ा है। इक्का-दुक्का ट्रेनें ही चलाई जा रही हैं। स्थानीय लोगों और फंसे हुए यात्रियों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए शुरू की गई कटड़ा शटल ट्रेन सेवा बाढ़ और भूस्खलन के मद्देनजर वीरवार को दूसरे दिन भी स्थगित रही।
जम्मू-श्रीनगर हाईवे नहीं हो सका बहाल
उधमपुर के थर्ड इलाके में पहाड़ धंसने की वजह से तीसरे दिन भी जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात पूर्ण रूप से बंद रहा। इसके चलते वीरवार को घाटी सहित चिनाब वैली से लगते विभिन्न जिलों में वाहनों की आवाजाही ठप रही। बहरहाल हाईवे की मरम्मत का काम जोरों पर जारी है।
राहत की खबर...12 तक मौसम में बड़ा फेरबदल नहीं
बारिश से बढ़ी चिंता के बीच राहत की खबर आई है। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के निदेशक डाॅ. मुख्तियार अहमद के अनुसार 12 सितंबर तक मौसम में बड़ा फेरबदल होने के आसार नहीं हैं। हालांकि इस दौरान कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है।
कठुआ और सांबा में केंद्रीय टीम ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा
केंद्रीय अंतर मंत्रालयीय दल ने वीरवार को कठुआ और सांबा जिले में आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। सांबा में बाढ़ से हुए नुकसान को देखा तो कठुआ में सहार खड्ड और राष्ट्रीय राजमार्ग पर रावी नदी पर क्षतिग्रस्त पुलों को हुए नुकसान का भी जायजा लिया।
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