आतंकियों ने की पिता की हत्या तो सेना का हाथ थाम पहुंचा IIT
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सेना से कोचिंग प्राप्त रियासत के तीन मेधावी छात्र आईआईटी-जेईई एडवांस परीक्षा 2015 में उत्तीर्ण हुए हैं। इसमें घाटी से दो और कारगिल से एक छात्र ने क्वालीफाई किया है। सेना पिछले साल कश्मीर सुपर 30 प्रोजेक्ट शुरू करके प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को कोचिंग की सुविधा मुहैया करवा रही है।
उधमपुर से प्रवक्ता कर्नल एसडी गोस्वामी ने बताया कि कुपवाड़ा से जाहिद अहमद कुरैशी (21) ने आल इंडिया स्तर पर 89वां स्थान हासिल किया है। दो साल की उम्र में ही आतंकियों ने कुरैशी के पिता को मौत के घाट उतार दिया था।
सेना ने कुरैशी को काउंसलिंग के लिए दस हजार रुपये की आर्थिक मदद मुहैया करवाई। गलिंद कलां गांव, कुपवाड़ा के निवासी कुरैशी ने बताया कि परीक्षा की तैयारी के लिए आर्थिक तंगी में सेना ने भरपूर सहयोग दिया।
वह सुपर तीस के दूसरे बैच से निकला। इसी तरह दक्षुण-नौपुरा गांव, जिला शोपियां के गाजी हुसैन मलिक ने 112वां (विशेष वर्ग) और गोमा नामसारू, लद्दाख से एजाज अली ने एसटी वर्ग में 598वां रैंक हासिल किया है।
आपरेशन सद्भावना तहत सेना की साहयता
सेना ने अपने प्रोजेक्ट में चालू सत्र में 36 विद्यार्थियों का कोचिंग के लिए चयन किया है। आपरेशन सद्भावना के तहत दूरवर्ती क्षेत्रों में आर्मी गुडविल स्कूल खोले हैं, जिसमें बच्चों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा मुहैया करवाई जा रही है।
पिछले पंद्रह साल में आर्मी गुडविल स्कूल में मिडिल और हायर सेकेंडरी स्तर पर एक लाख विद्यार्थियों को शिक्षा मुहैया करवाई गई। मौजूदा समय में प्राइमरी और हायर सेकेंडरी स्तर पर 14000 विद्यार्थियों को शिक्षा दी जा रही है।
सेना की ओर से हर साल आर्थिक तौर पर कमजोर तीस विद्यार्थियों को दिल्ली में आईआईटी परीक्षा की कोचिंग दी जाती है। इस साल 12 उम्मीदवारों ने जेईई-मैन और तीन ने जेईई-एडवांस में क्वालीफाई किया है।