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JK ने किया बजट प्रावधानों का उल्लंघन, खर्च किए 1325 करोड़
एजेंसी/जम्मू
Updated Tue, 28 Apr 2015 02:58 PM IST
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भारतीय नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) का कहना है कि जम्मू-कश्मीर सरकार ने वर्ष 2013-14 के दौरान बजट प्रावधानों का उल्लंघन कर 1,325 करोड़ रुपये से ज्यादा राशि खर्च की थी।
31 मार्च 2014 को समाप्त होने वाले वर्ष के लिए कैग की रिपोर्ट में राज्य के वित्त के बारे में कहा गया कि ऐसा पाया गया कि 2013-14 के दौरान 68 बड़े मदों में बिना किसी बजट प्रावधान के ही 1325.33 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
कैग की रिपोर्ट में कहा गया कि यह राशि मूल आकलन और अतिरिक्त मांग में बिना किसी प्रावधान के खर्च की गई और इसके लिए कोई पुन: विनियोजन के आदेश भी नहीं थे।
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रिपोर्ट में आगे कहा गया कि बिना किसी बजट प्रावधान के, जो सबसे बड़ा खर्च किया गया, वह 401.51 करोड़ रुपये का था। यह खर्च शिक्षा विभाग में किया गया। इसके बाद 272.63 करोड़ रुपये का खर्च समाज कल्याण विभाग में किया गया।
85.73 करोड़ रुपये उद्योग एवं वाणिज्य विभाग में, 83.90 करोड़ रुपये उच्च शिक्षा विभाग में, 74.16 करोड़ रुपये ग्रामीण विकास विभाग में, 74 करोड़ रुपये आवास एवं शहरी विकास में, 72.64 करोड़ रुपये कृषि विभाग में, 70.14 करोड़ रुपये हॉस्पिटैलिटी एंड प्रोटोकॉल विभाग में खर्च किए गए।
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31 मार्च 2014 को समाप्त होने वाले वर्ष के लिए कैग की रिपोर्ट में राज्य के वित्त के बारे में कहा गया कि ऐसा पाया गया कि 2013-14 के दौरान 68 बड़े मदों में बिना किसी बजट प्रावधान के ही 1325.33 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
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कैग की रिपोर्ट में कहा गया कि यह राशि मूल आकलन और अतिरिक्त मांग में बिना किसी प्रावधान के खर्च की गई और इसके लिए कोई पुन: विनियोजन के आदेश भी नहीं थे।
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रिपोर्ट में आगे कहा गया कि बिना किसी बजट प्रावधान के, जो सबसे बड़ा खर्च किया गया, वह 401.51 करोड़ रुपये का था। यह खर्च शिक्षा विभाग में किया गया। इसके बाद 272.63 करोड़ रुपये का खर्च समाज कल्याण विभाग में किया गया।
85.73 करोड़ रुपये उद्योग एवं वाणिज्य विभाग में, 83.90 करोड़ रुपये उच्च शिक्षा विभाग में, 74.16 करोड़ रुपये ग्रामीण विकास विभाग में, 74 करोड़ रुपये आवास एवं शहरी विकास में, 72.64 करोड़ रुपये कृषि विभाग में, 70.14 करोड़ रुपये हॉस्पिटैलिटी एंड प्रोटोकॉल विभाग में खर्च किए गए।