जेके एसआई भर्ती घोटाला: सीबीआई ने एफआईआर में कई और लोगों का नाम जोड़ा, जांच के लिए 36 जगहों पर मारे थे छापे
सीबीआई ने मामले में शामिल पुलिस कर्मियों और सीआरपीएफ कर्मियों को सीबीआई मुख्यालय बुलाया है। यहां इनसे पूछताछ की जाएगी। मंगलवार को सीबीआई की टीम ने जम्मू, श्रीनगर, गुजरात , दिल्ली, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और बंगलोर में 36 जगहों पर छापे मारे थे।
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सब इंस्पेक्टरों की भर्ती घोटाले में कई और लोगों के नाम सामने आएंगे। सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर में कई और लोगों के नाम शामिल किए गए हैं। इन लोगों के नाम थोड़े ही दिन में सार्वजनिक किए जाएंगे। सूत्रों का कहना है कि सीबीआई इस मामले की जांच लगभग पूरी कर चुकी है। पूरी साजिश का सीबीआई को पता चल चुका है। एक हफ्ते तक सीबीआई इस मामले की पूरी जांच का खुलासा कर सकती है। यह भी बताया जा रहा है कि वीरवार को सीबीआई ने इस मामले में शामिल पुलिस कर्मियों और सीआरपीएफ कर्मियों को सीबीआई मुख्यालय बुलाया है।
यहां इनसे पूछताछ की जाएगी। मंगलवार को सीबीआई की टीम ने जम्मू, श्रीनगर, गुजरात , दिल्ली, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और बंगलोर में 36 जगहों पर छापे मारे थे। इसमें जम्मू-कश्मीर एसएसबी के पूर्व चेयरमैन, कंट्रोलर, जिला पुलिस के डीएसपी समेत 14 लोगों के 36 ठिकानों पर छापा मारकर कई तरह के दस्तावेज बरामद किए थे।
कई जगहों पर लिखित परीक्षा में दी गई ओएमआर शीट भी बरामद की गई। सूत्रों का कहना है कि सीबीआई की टीम ने इस मामले में जांच लगभग पूरी कर ली है। जांच में यह सामने आया है कि सब इंस्पेक्टरों की भर्ती, वित्त लेखा सहायक की भर्ती और जेई सिविल की भर्ती में धांधली करने वाले लगभग एक जैसे ही लोग शामिल हैं।
इन्हीं लोगों ने मिलकर तीनों भर्तियों में घोटाला किया। हरियाणा में मौजूद दलालों के गैंग ने उक्त लोगों के साथ मिलकर तीनों भर्तियों के लिए रणनीति बनाई और अलग अलग लोगों के माध्यम से पेपर को लीक किया और इसके बदले पैसे लिए।
छह राज्यों में 36 ठिकानों पर सीबीआई का छापा
जम्मू-कश्मीर पुलिस के उप निरीक्षक (एसआई) भर्ती घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए मंगलवार को देशभर के छह राज्यों में 36 ठिकानों पर छापा मारा। प्रदेश के सेवा चयन बोर्ड (एसएसबी) के पूर्व चेयरमैन, परीक्षा नियंत्रक, जम्मू पुलिस लाइन में तैनात डीएसपी के घरों पर कार्रवाई की गई। जिन लोगों के घरों पर छापे पड़े, उनमें पूर्व उप मुख्यमंत्री ताराचंद का पीआरओ, तीन पुलिस कांस्टेबल, तीन सीआरपीएफ कर्मचारी तथा एक सरकारी शिक्षक शामिल है।
जम्मू-कश्मीर में 25 जगहों पर दबिश दी
टीम ने हरियाणा के तीन स्थानों रेवाड़ी, करनाल व मोहिंदरगढ़, गुजरात में गांधीधाम, उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में दो जगहों, दिल्ली में एक, कर्नाटक के बंगलूरू शहर में एक और जम्मू-कश्मीर में 25 जगहों पर दबिश दी। सीबीआई की टीमों ने इन लोगों के बैंक खातों, मोबाइल फोन, लैपटॉप से कई तरह की जानकारी हासिल की है। सीबीआई ने उक्त लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के बाद कार्रवाई की है।
सीबीआई के अनुसार जम्मू के गांधी नगर में रहने वाले जेकेएसएसबी के पूर्व चेयरमैन खालिद जहांगीर, बनतालाब में रहने वाले पूर्व कंट्रोलर अशोक कुमार, आरएस पुरा के गांव सिद्दड़ा के रहने वाले और इस समय जिला पुलिस लाइन में तैनात डीएसपी केडी भगत, पुलिस कांस्टेबल रमन शर्मा, कांस्टेबल केवल कृष्ण उर्फ विक्की व कांस्टेबल सुनील पगोत्रा, सीआरपीएफ कर्मी अमित कुमार शर्मा निवासी अखनूर शामिल हैं।
इसके अलावा सीआरपीएफ कर्मी पवन शर्मा व सीआरपीएफ कांस्टेबल सुनील शर्मा, कटड़ा के नारायणा के रहने वाले शिक्षक जगदीश कुमार, पूर्व उपमुख्यमंत्री के पीआरओ रहे विजय, भर्ती में दलाली का काम करने वाले राकेश कुमार, थोड़ू राम एंड संस के घरों पर दबिश दी गई है। सीबीआई प्रवक्ता के अनुसार हरियाणा के रेवाड़ी में चार्टर्ड अकाउंटेंट अजय कुमार अरोन के घर पर भी कार्रवाई की गई।
क्या है पूरा मामला
जम्मू-कश्मीर सेवा चयन बोर्ड (जेकेएसएसबी) की तरफ से जम्मू-कश्मीर पुलिस में सब इंस्पेक्टर के 1200 पदों पर 27 मार्च 2022 को परीक्षा ली गई थी। इसमें 90 हजार उम्मीदवार शामिल हुए थे। चार जून को परीक्षा का परिणाम घोषित हुआ। परिणाम घोषित होते ही अनियमितताओं की बात सामने आई। 10 जून को सरकार ने इस मामले की जांच कराने के लिए गृह सचिव की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय कमेटी गठित की। कमेटी ने इस भर्ती को रद्द करने की सिफारिश की। परीक्षा में भारी गड़बड़ी को देखते हुए उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने सीबीआई को जांच के लिए सिफारिश की।
पांच अगस्त को सीबीआई ने इनके यहां दी थी दबिश
सीबीआई ने इस मामले में 33 लोगों पर एफआईआर दर्ज कर 5 अगस्त को जम्मू में 28 स्थानों पर छापेमारी की थी। श्रीनगर और बंगलूरू में एक-एक जगह छापा पड़ा। यह सीबीआई की पहली कार्रवाई थी। पांच अगस्त को डॉ. करनैल सिंह- चिकित्सा अधिकारी, बीएसएफ, अशोक कुमार- एएसआई, अश्विनी कुमार- पूर्व सीआरपीएफ अधिकारी, अविनाश गुप्ता-एडुमैक्स क्लासेस अखनूर के मालिक, अक्षय कुमार- अखनूर में कोचिंग के प्रबंधक, रोशन ब्राल- शिक्षक, नारायण दत्त- जम्मू और कश्मीर प्रशासनिक सेवा के अधिकारी और एसएसबी के तत्कालीन सदस्य, बिशन दास- जम्मू और कश्मीर सेवा चयन बोर्ड के तत्कालीन अपर सचिव, अंजू रैना- जेकेएसएसबी की तत्कालीन अनुभाग अधिकारी व बंगलूरू की एक निजी कंपनी के यहां कार्रवाई की गई थी।