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जम्मू-कश्मीर: पूर्व उप मुख्यमंत्री निर्मल सिंह की पत्नी को राहत, फिलहाल नहीं गिराया जाएगा विवादित बंगला

Tue, 18 Apr 2023 01:59 AM IST
विमल शर्मा जेएनएफ, जम्मू
जेएनएफ, जम्मू Published by: विमल शर्मा Updated Tue, 18 Apr 2023 01:59 AM IST
सार

विशेष न्यायाधिकरण ने जम्मू विकास प्राधिकरण की ओर से जारी बंगले तोड़ने के आदेश को रद्द कर दिया है। इसके बाद पूर्व डिप्टी सीएम की पत्नी को फौरी तौर पर राहत मिली है। 

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JK: Relief wife of former Deputy CM Nirmal Singh, disputed bungalow will not be demolished time being
पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. निर्मल सिंह - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पूर्व उपमुख्यमंत्री निर्मल सिंह की पत्नी ममता सिंह को फौरी राहत मिल गई है। उनका विवादित बंगला फिलहाल नहीं गिराया जाएगा। विशेष न्यायाधिकरण, जम्मू (द्वितीय पीठ) ने जम्मू विकास प्राधिकरण (जेडीए) की ओर से जारी बंगले तोड़ने के आदेश को रद्द कर दिया है।

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न्यायाधिकरण के पीठासीन अधिकारी राजीव गुप्ता ने तकनीकी आधार पर नोटिस को रद्द करते हुए निर्देश दिया कि भवन निर्माण उपनियमों के उल्लंघन के लिए अपीलकर्ता ममता सिंह के खिलाफ नए सिरे से कार्रवाई करने के लिए जेडीए की बिल्डिंग ऑपरेशन कंट्रोलिंग अथॉरिटी (बीओसीए) स्वतंत्र होगी।
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जम्मू-कश्मीर कंट्रोल ऑफ बिल्डिंग ऑपरेशंस एक्ट 1988 की धारा 7 के तहत निर्धारित प्रक्रिया का सख्ती से पालन करके ऐसा करना होगा। पीठासीन अधिकारी ने कहा कि अपीलकर्ता को कारण बताओ नोटिस जारी करने के दौरान जेडीए कानूनी प्रक्रियाओं  के अनुपालन में विफल रहा है।
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यह प्रक्रियाएं भवन निर्माण उपनियमों के उल्लंघन के खिलाफ वैधानिक अभ्यास के साथ आगे बढ़ने के लिए अनिवार्य शर्त है। मामले की सुनवाई के दौरान वरिष्ठ एडवोकेट आरके गुप्ता ने अपीलकर्ता ममता सिंह की ओर से दलीलें पेश कीं।

कहा कि जेएंडके कंट्रोल ऑफ बिल्डिंग ऑपरेशंस एक्ट, 1988 की धारा 7 (1) के तहत अपीलकर्ता को कभी भी कारण बताओ नोटिस नहीं दिया गया कि क्यों न उनके द्वारा किया गया निर्माण हटा दिया जाए। स्पेशल ट्रिब्यूनल ने जेडीए के रिकॉर्ड को देखने के बाद पाया कि धारा 7(1) के तहत नोटिस 30 अक्टूबर 2021 को दिया गया था।

जिस तरह से नोटिस दिया गया, उसमें सेवारत अधिकारी का विवरण और जिस व्यक्ति को यह दिया गया था, उसका उल्लेख नहीं किया गया।  यहां तक कि फाइल में कार्यवाहियों का ब्यौरा भी दर्ज नहीं किया गया। 

2021 में जारी हुआ था बंगला गिराने का नोटिस

जेडीए की तरफ से अधिवक्ता आदर्श शर्मा ने कहा कि यह बंगला नियमों का उल्लंघन करके बनाया गया है। दोनों तरफ की दलीलों पर विचार करने के बाद न्यायिक सदस्य राजीव गुप्ता ने तकनीकी आधार पर ममता सिंह द्वारा दायर की गई अपील को स्वीकार कर लिया, जिसमें जेएंडके कंट्रोल ऑफ बिल्डिंग ऑपरेशन एक्ट की धारा 7 (.1) के तहत जारी कारण बताओ नोटिस को गलत बताया। जेडीए ने 8 नवंबर 2021 को नगरोटा स्थित बंगला गिराने का नोटिस दिया था।

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