फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   JK PSC Exam: no school in village got education by walking now Mehmood became JKAS officer

जेके पीएससी परीक्षा: गांव में स्कूल न रास्ता, पैदल चलकर पाई तालीम, गब्बर के पहले JKAS बने तलत महमूद

Thu, 24 Aug 2023 05:57 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, राजोरी
अमर उजाला नेटवर्क, राजोरी Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Thu, 24 Aug 2023 05:57 PM IST
सार

जेकेएएस में 179वीं रैंक हासिल करने वाले गब्बर निवासी 22 वर्षीय तलत महमूद ने बताया कि जब वह जवाहर नवोदय विद्यालय में पड़ते थे तो गब्बर से बुद्धल आने के लिए आठ किलोमीटर पैदल सफर करना पड़ता था। 

विज्ञापन
JK PSC Exam: no school in village got education by walking now Mehmood became JKAS officer
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

जम्मू-कश्मीर लोक सेवा आयोग (जेकेपीएससी) ने स्वास्थ्य शिक्षा विभाग में 220 पदों के लिए संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा का अंतिम परिणाम जारी किया है। जेकेएएस का परिणाम घोषित होते ही राजोरी जिले की बुद्धल, दरहाल, मंजाकोट आदि तहसीलों में खुशी का माहौल रहा। यहां के आठ युवा केएएस अधिकारी बने हैं। इनमें से कइयों ने पैदल चलकर शिक्षा हासिल की और केएएस की कुर्सी तक पहुंचने का रास्ता तय किया।

विज्ञापन


बुद्धल ब्लॉक के दूरदराज के पिछड़े गांव गब्बर से सरकारी शिक्षक मोकम दीन के बेटे तलत महमूद ने केएएस की परीक्षा पास कर न केवल अपने गांव का, बल्कि अपने माता-पिता का नाम भी रोशन किया है। 
विज्ञापन


गब्बर गांव इतना दूरदराज का पिछड़ा गांव है कि वहां पर करीब दो या तीन साल पहले ही सड़क आई है। उससे पहले वहां सड़क सुविधा भी उपलब्ध नहीं थी। वहां के बच्चों को पढ़ाई करने के लिए आठ से 10 किलोमीटर पैदल यात्रा करके सरकारी स्कूल बुद्धल में आना पड़ता था। 
विज्ञापन
विज्ञापन


जेकेएएस में 179वीं रैंक हासिल करने वाले गब्बर निवासी 22 वर्षीय तलत महमूद ने बताया कि उन्होंने अपनी प्राथमिक शिक्षा गब्बर के सरकारी स्कूल से प्राप्त की, जबकि छठी से 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई जवाहर नवोदय विद्यालय कोटरंका में की। 

उन्होंने बताया कि जब वह जवाहर नवोदय विद्यालय में पड़ते थे तो गब्बर से बुद्धल आने के लिए आठ किलोमीटर पैदल सफर करना पड़ता था क्योंकि तब बुद्धल से गब्बर के लिए सड़क सुविधा नहीं थी। 

उधर, बुद्धल से करीब आठ किलोमीटर दूर डंडोत गांव से केएएस की परीक्षा पास करने वाले समनेश कुमार के घर में भी खुशी का माहौल है। समनेश ने बताया कि उन्होंने अपनी 12वीं तक की शिक्षा बुद्धल के सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल से की थी। बचपन से ही उनका अपने लोगों की सेवा करने का इरादा था, जो आज पूरा हो गया। 

वहीं राजोरी के दरहाल निवासी औकिब लोन और दानिश मलिक ने भी केेएएस की परीक्षा पास कर अपने माता-पिता का सपना साकार किया है। इसके अलावा राजोरी के एक अन्य पिछड़े गांव चम्बी तराड़ से 194वीं रैंक हासिल करने वाले शहनवाज अहमद ने बताया कि यदि लगन से मेहनत करो और अपने सपने साकार करने के लिए विश्वास से पढ़ाई करो तो सपने अवश्य पूरे होते हैं। 

मंजाकोट तहसील के गंभीर मुगला गांव से जेकेएएस में 169वीं रैंक हासिल करने वाले इफलाक अहमद मलिक के घर के साथ-साथ पूरे गांव में खुशी का वातावरण है। इफलाक के घर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। 


थन्नामंडी तहसील के दोदासनबाला गांव से केएएस में 192वीं रैंक पाने वाले इशतयाक अहमद के घर में भी खुशी और जश्न का माहौल है। इसके अलावा राजोरी के एक अन्य पिछड़े गांव धार साकरी के सुशांत शर्मा ने केएएस में 133वीं रैंक हासिल कर अपने गांव और माता-पिता का नाम रोशन किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed