JK Police: केंद्र शासित प्रदेश में 36 पुलिस कर्मी जबरन सेवानिवृत्त, भ्रष्टाचार-असामाजिक गतिविधि में थे शामिल
जम्मू कश्मीर सरकार ने भ्रष्टाचार और असामाजिक गतिविधियों में शामिल 36 पुलिस कर्मियों को जबरन सेवानिवृत्त करने का आदेश जारी किया है। सरकार ने जब शिकायत पर इनकी जांच करवाई तो कई मामले सामने आए। जबरन सेवानिवृत्त किए गए अधिकारी अवैध गतिविधि, अनाधिकृत रूप से ड्यूटी से अनुपस्थित रहे थे।
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जम्मू-कश्मीर सरकार ने खाकी वर्दी की आड़ में भ्रष्टाचार, समाज विरोधी गतिविधियों और आपराधिक मामलों में शामिल 36 पुलिस कर्मियों को जबरन सेवानिवृत्त कर दिया है। इनमें 2 एएसआई, 9 हेड कांस्टेबल और 25 कांस्टेबल स्तर के पुलिस कर्मी हैं।
सरकार ने कहा है कि पुलिस विभाग को और अधिक दक्ष तथा पारदर्शी बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है। इन कर्मियों ने अपने कर्तव्यों का पालन जिस तरह से किया वह लोक सेवकों के लिए अशोभनीय और स्थापित आचार संहिता का उल्लंघन था।
सरकार का कहना है कि यह कार्रवाई एक रूटीन प्रक्रिया है, जो सरकारी कर्मियों के रिकॉर्ड पर आधारित होती है। सरकार की तरफ से कर्मियों के रिकॉर्ड की नियमिक स्क्रूटनी की जाती है। जो इसमें उल्लंघन करता पाया जाता है, उसके ऊपर कार्रवाई होती है।
इन कर्मियों को अवैध गतिविधियों, नौकरी से गैरहाजिर रहने, ड्यूटी में अच्छा प्रदर्शन न करने, विभागीय जांच में दोषी पाए जाने के अलावा भ्रष्टाचार, गंभीर आपराधिक मामलों में शामिल होने और गैर सामाजिक गतिविधियों में संलिप्त पाया गया है। इनकी अखंडता भी संदेहजनक है।
सरकार की रिव्यू कमेटी ने इन कर्मियों का रिकार्ड देखा, जिसमें यह लोग उक्त मामलों में संलिप्त पाए गए हैं। कमेटी ने कहा कि इन लोगों की सेवाएं संतोषजनक नहीं पाई गई। लिहाजा इनकी सेवाओं को भविष्य में जारी नहीं रखना चाहिए। यह आम लोगों के हित में नहीं हैं।
सरकार का कहना है कि भ्रष्टाचार, गैर सामाजिक और देश विरोधी गतिविधियों में शामिल सरकारी कर्मियों के खिलाफ सरकार की जीरो टालरेंस की नीति है, जिस पर किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। बता दें कि इससे पहले भी सरकार ने कई सरकारी मुलाजिमों को ऐसा करने पर बर्खास्त कर दिया है। जबकि बहुत से लोगों के खिलाफ जांच चल रही है। इनके रिकार्ड की स्क्रूटनी की जा रही है।
मानव संसाधन प्रबंधन के लिए कई उपाय
इस बीच, सरकार ने जम्मू और कश्मीर में सरकारी कर्मचारियों के मानव संसाधन विकास के लिए कई उपाय भी शुरू किए हैं जिनमें ऑनलाइन मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (ईएचआरएमएस), अधिकारियों को प्रतिष्ठित भारतीय प्रशासनिक, पुलिस सेवा में शामिल करना, सुचारु कैरियर के लिए समय पर डीपीसी का संचालन शामिल है।
भर्ती नियमों को अद्यतन करना, भर्ती एजेंसियों के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया को तेजी से ट्रैक करना और सेवा चयन बोर्ड को संदर्भित अधिकांश गैर राजपत्रित पदों के लिए साक्षात्कार को समाप्त करना शामिल हैं।
भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तारी
2020 256
2021 100
2022 75