जेके मेडिसिटी को हाइकोर्ट से मिली राहत
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स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक महिला के गर्भ गिरने के मामले में जेके मेडिसिटी अस्पताल का लाइसेंस निलंबन किए जाने के फैसले पर हाईकोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है।
अस्पताल के प्रबंध निदेशक गगनप्रीत सिंह ने 27 जुलाई, 2014 को अस्पताल का लाइसेंस निलंबन करने संबंधी जारी फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। सीनियर एडवोकेट पीएन रैना और सुनील सेठी के अलावा एडवोकेट जेए हमला की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट के जस्टिस ताशी राबस्तन ने मुख्य सचिव और स्वास्थ्य सेवा निदेशक को नोटिस जारी किया है।
सरकार की ओर से सीनियर एएजी गगन बसोत्रा ने नोटिस को स्वीकार किया और याचिका के जवाब के लिए एक सप्ताह का समय मांगा। न्यायाधीश ने कहा कि मामले की अगली सुनवाई पर प्रतिवादी अपना पक्ष रखे और तब तक 27 जुलाई को जारी अस्पताल के लाइसेंस निलंबन आदेश पर रोक लगाई जाती है।
आरोपी डॉक्टरों को भी मिल चुकी है जमानत
अदालत ने स्वास्थ्य निदेशक को निर्देश दिए कि दो दिन के अंदर एक कमेटी का गठन किया जाए, जो एक सप्ताह में अपनी रिपोर्ट अदालत में पेश करे। उसके बाद मामले की अगली सुनवाई पर निदेशक अनुपालन फाइल प्रस्तुत करें।
याचिका में कहा गया कि अस्पताल को जेएंडके नर्सिंग होम एंड क्लीनिकल (रजिस्ट्रेशन एंड लाइसेंसिंग) एक्ट 1963 के तहत लाइसेंस प्रदान किया गया है, जिसकी अवधि 31 मार्च, 2016 तक है।
प्रशासन ने बिना सुनवाई के तत्काल प्रभाव से लाइसेंस निलंबित कर दिया। साथ ही नर्सिंग होम को अपनी गतिविधियां संचालित न करने के निर्देश दिए गए।