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जम्मू-कश्मीर जेएंडके बैंक भर्ती मामलाः बैंक के उपाध्यक्ष की अग्रिम जमानत याचिका नामंजूर

Tue, 04 Feb 2020 03:27 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Tue, 04 Feb 2020 03:27 PM IST
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JK Bank recruitment case Jammu Kashmir, Advance bail plea of bank vice president rejected
जेएंडके बैंक

विशेष न्यायाधीश एंटी करप्शन कश्मीर आरएन वट्टल ने सोमवार के 2800 अवैध नियुक्तियों के मामले में जेएंडके बैंक के उपाध्यक्ष मोहम्मद अयूब वांचू की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। आवेदक ने अपने आवेदन में आग्रह किया कि उन्होंने जम्मू-कश्मीर बैंक में 37 साल की सेवा प्रदान की है और कड़ी मेहनत, ईमानदारी से उपाध्यक्ष के पद तक पहुंचे हैं और वर्तमान में जोनल हेड अनंतनाग के रूप में काम कर रहे हैं। बैंक के नियमानुसार भर्ती प्रक्रिया का पालन किया गया। इसका नियंत्रण व पर्यवेक्षण तत्कालीन सत्तारूढ़ राजनीतिक दल और बैंक के चेयरमैन द्वारा किया गया। भर्ती प्रक्रिया में मेरी कोई भूमिका नहीं है।

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एसीबी ने बताया कि 10 जनवरी 2020 को अवैध नियुक्तियों के मामले में एक प्राथमिकी दर्ज की गई। जिसमें बताया गया कि वर्ष 2011 में जेएंड के बैंक के अधिकारियों ने मिलीभगत कर 2800 अवैध नियुक्तियां कीं। इसमें आरोपी मोहम्मद अयूब ने सक्रिय भूमिका निभाई। इसमें चेयरमैन भी आरोपी हैं। जिस समय ये अवैध नियुक्तियां की गईं उस समय मोहम्मद अयूब ह्यूमन रिर्सोस डेवलपमेंट डिपार्टमेंट जेएंडके कॉर्पोरेट हेडक्वार्टर में वाइस चेयरमैन पद तैनात था।
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अब तक के रिकॉर्ड के अनुसार, वांचू ने 200 अवैध नियुक्तियों में अपने पद का दुरुपयोग करते हुए सीधी एवं सक्रिय भूमिका निभाई। एजेंसी के अनुसार, जांच अभी प्रारंभिक अवस्था में है। ऐसे में याचिकाकर्ता अपने अधीनस्थों पर दबाव डालकर जांच को प्रभावित कर सकते हैं।
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स्पेशल जज एंटी करप्शन कश्मीर आरएन वट्टल ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद कहा कि इसमें सामने आया कि भर्ती स्कैम में अधिकारियों का भी हाथ रहा है। बैंक अधिकारियों ने तानाशाही तरीके से भर्ती की। योग्य उम्मीदारों को दरकिनार किया गया और आयोग्य को नौकरियां दी गईं। कोर्ट ने पाया कि याचिककर्ता की बेल की मंजूरी तर्क संगत नहीं है। बेरोजगार युवाओं का विश्वास तोड़ा गया है। ऐसे में कोर्ट ने याचिका को नामंजूर कर दिया है।

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