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विधानसभा ने नेशनल कांफ्रेस का आटोनॉमी प्रस्ताव नामंजूर किया
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Mon, 20 Jun 2016 06:22 PM IST
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- फोटो : FILE
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राज्य विधानसभा में पारित आटोनॉमी प्रस्ताव को लागू किए जाने संबंधी नेकां के प्राइवेट मेंबर रिजोल्यूशन को विधानसभा सचिवालय ने मंजूर नहीं किया है। कुल 14 प्रस्ताव स्वीकार किए गए हैं। इन पर 24 और 28 जून को चर्चा होगी। विधानसभा अध्यक्ष कवींद्र गुप्ता ने बताया कि सभी प्रस्तावों का परीक्षण करने के बाद 14 को मंजूरी दी गई है।
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आटोनॉमी संबंधी प्रस्ताव नेकां के विधायक अली मोहम्मद सागर ने दिया था। इसमें उन्होंने कहा था कि सदन सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित करे कि केंद्र सरकार आटोनॉमी प्रस्ताव को स्वीकार करे और 1953 से पहले की स्थिति बहाल करे।
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डा. फारूक अब्दुल्ला की सरकार ने 26 जून, 2000 को आटोनॉमी का प्रस्ताव पारित किया था। नौ सदस्यीय स्टेट आटोनॉमी कमेटी (एसएसी) की रिपोर्ट के आधार पर यह फैसला लिया गया था। एसएसी का गठन आटोनॉमी को लागू किया जा सकता है या नहीं, इसके परीक्षण के लिए किया गया था।
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बाद में विधानसभा ने इस प्रस्ताव को पास कर केंद्र सरकार के पास भेजा था, लेकिन 4 जुलाई, 2000 को केंद्रीय कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। कैबिनेट का मानना था कि इस प्रस्ताव को स्वीकार करने से जम्मू-कश्मीर में शांति तथा सौहार्द स्थापित करने की दिशा में उठाए जा रहे कदमों को ठेस पहुंचेगी। चूंकि उस समय नेकां केंद्र सरकार में सहयोगी थी। इस वजह से नेकां से बात करने के लिए अरुण जेटली को वार्ताकार नियुक्त किया गया था।