JK Election: जम्मू कश्मीर में आखिरी बार कब हुए थे विधानसभा चुनाव, किसकी बनी थी सरकार, जानें इस बार क्या अलग
Jammu Kashmir Assembly Election : जम्मू कश्मीर में 2020 में परीसीमन के बाद जम्मू संभाग में 6 सीटें और कश्मीर संभाग में 1 सीट जोड़ी गई हैं। इस बार इन 90 सीटों पर मतदान होगा। दोनों संभागों की 9 सीटें एसटी के लिए और 7 सीटें एसटी के लिए आरक्षित हैं। प्रदेश की राजनीति से जुड़ी पढ़ें यह खास खबर...
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। प्रदेश में विधानसभा चुनाव आखिरी बार दस साल पहले 2014 में हुए थे। इस चुनाव में किसी एक पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिल सका था। इसके बाद पीडीपी-भाजपा ने गठबंधन कर प्रदेश सरकार बनाई थी। जून 2018 में भाजपा के समर्थन वापस ले लेने से सरकार गिर गई थी। तबसे जम्मू-कश्मीर में निर्वाचित सरकार नहीं है।
2019 में जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया गया। इसके साथ ही जम्मू कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेश- जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बदल दिया गया। इस साल के चुनाव 370 हटने के बाद पहले विधानसभा चुनाव होंगे।
जम्मू कश्मीर में 2014 में कुल 111 सीटें थीं। इनमें से 24 सीटें पाकिस्तान अधिकृत जम्मू कश्मीर के लिए निर्धारित हैं। बाकी 87 सीटों पर चुनाव हुआ था, जिसमें लद्दाख की भी चार सीटें शामिल थीं। 2014 में पीडीपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई थी। लेकिन पीडीपी भी बहुमत का जादुई आंकड़ा नहीं जुटा सकी थी। ऐसे में सामने आया पीडीपी ने भाजपा के साथ गठबंधन कर सरकार बनाई थी।
पार्टी- सीटें
- पीडीपी- 28
- भाजपा- 25
- नेकां- 15
- कांग्रेस- 12
- जेकेपीसी- 02
- सीपीआईएम- 01
- पीडीएफ- 01
- निर्दलीय- 03
- कुल - 87
कितने प्रतिशत हुई थी वोटिंग
जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव में 2024 में कुल वोट प्रतिशत 65.52% रहा था। इसमें पीडीपी को 22.7%, भाजपा को 23%, नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) को 20.8%, कांग्रेस को 18%, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस को 1.9%, सीपीआईएम को 0.5% वोट मिले थे।
पार्टी - वोट
पीडीपी- 10,92,203
भाजपा- 11,07,194
नेकां- 10,00,693
कांग्रेस- 8,67,883
कुल कितनी हुई वोटिंग- 48,22,776
2020 में परीसीमन के बाद जम्मू संभाग में 6 सीटें और कश्मीर संभाग में 1 सीट जोड़ी गई। इससे विधानसभा की कुल सीटें बढ़कर 114 हो गईं, जिनमें से 24 सीटें पाकिस्तान अधिकृत जम्मू कश्मीर (पीओजेके) के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों के लिए तय हैं। बाकी 90 सीटों में से 43 सीटें जम्मू संभाग में और 47 सीटें कश्मीर संभाग में हैं। इस बार इन 90 सीटों पर मतदान होगा। दोनों संभागों की 9 सीटें एसटी के लिए और 7 सीटें एसटी के लिए आरक्षित हैं।
परिसीमन के बाद
- जम्मू संभाग में विधानसभा सीटें - 43
- कश्मीर संभाग में विधानसभा सीटें- 47
- कुल- 90
कब तक हो सकते हैं विधानसभा चुनाव
चुनाव आयोग ने 20 अगस्त तक वोटर लिस्ट अपडेट करने का निर्देश जारी किया है। 29 जून से श्री अमरनाथ यात्रा भी हो रही है, जो कि 19 अगस्त को संपन्न होगी। ऐसे में मतदाता सूची के अपडेट होने के बाद ही विधानसभा चुनाव का बिगुल बज सकता है।
राजनीतिक दलों ने शुरू की सियासी कसरत
जम्मू कश्मीर में सरकार बनाने के लिए राजनीतिक पार्टियों ने सियासी कसरत शुरू कर दी है। पीएम मोदी ने श्रीनगर दौरे के दौरान सार्वजनिक मंच से चुनाव की तैयारियों की बात कही है। भाजपा ने जम्मू कश्मीर में चुनाव प्रभारी भी घोषित कर दिया है। केंद्रीय मंत्री जी कृष्ण रेड्डी को यह जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, कांग्रेस 27 जून को चुनाव को लेकर मंथन करने जा रही है। बसपा भी अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। वहीं, पीडीपी, नेकां सहित प्रदेश की अन्य पार्टियों ने भी चुनाव को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
जम्मू कश्मीर लोकसभा चुनाव में क्या होगा असर
जम्मू कश्मीर की पांच लोकसभा सीटों में से दो सीटों पर भाजपा ने तीसरी बार जीत दर्ज की। कश्मीर की दो सीटों पर नेशन कॉन्फ्रेंस ने दूसरी बार जीतीं। वहीं, एक सीट पर जेल में बंद आजाद उम्मीदवार इंजीनियर रशीद ने अपने नाम कर ली।
लोकसभा चुनाव 2024 की बात करें तो इसमें भाजपा को 43 में से 14 सीटों पर हार का सामना करना पड़ा था। उधमपुर व जम्मू लोकसभा सीट के सात विधानसभा हलकों भद्रवाह, डोडा, बनिहाल, इंद्रवल, आरएस पुरा-जम्मू दक्षिण, सुचेतगढ़, गुलाबगढ़ पर कांग्रेस से उसे कम मत मिले थे, तो राजोरी-पुंछ जिले की सात सीटों मेंढर, पुंछ हवेली, सुरनकोट, थन्नामंडी, बुद्धल, राजोरी व नौशेरा पर नेकां से हार का सामना करना पड़ा था।
2019 की तुलना में लगभग 22 फीसदी का नुकसान
भाजपा को 2019 की तुलना में लगभग 22 फीसदी का नुकसान हुआ था। 2019 में उसे 46.39 प्रतिशत मत मिले थे। क्षेत्रीय दलों नेकां और पीडीपी को फायदा हुआ था। नेकां को 15 व पीडीपी को पांच फीसदी का नफा मिला था। 2019 में दोनों पार्टियों को क्रमश: 7.89 व 3.40 प्रतिशत मत मिले थे।
राजोरी-पुंछ की भूमिका होगी निर्णायक
इस बार के विधानसभा चुनाव में राजोरी-पुंछ की निर्णायक भूमिका होगी। यहां पहाड़ियों की आबादी अच्छी तादाद में है। पहाड़ियों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देकर भाजपा ने उनकी लंबी मांग को पूरा किया है। ऐसे में भाजपा को उम्मीद है कि पहाड़ी समुदाय के मतदाता उनका साथ देंगे। सत्ता संतुलन के लिए बनाई गई नई लोकसभा सीट अनंतनाग-राजोरी में भाजपा ने उम्मीदवार न उतारकर अपनी पार्टी का समर्थन किया था।
अपनी पार्टी को मिले 1.42 लाख में से 92521 मत इन्हीं दो जिलों से मिले थे। पार्टी का मानना है कि यदि कमल के निशान पर प्रत्याशी होंगे तो निश्चित रूप से पार्टी को फायदा होगा। हालांकि, नेकां यहां मजबूत स्थिति में रही और उसे 305863 मत हासिल हुए जो पार्टी प्रत्याशी को कश्मीर में मिले मत 215973 से लगभग 90 हजार अधिक रहा। पीडीपी को इन दो जिलों से 88459 मत मिले थे।
लोकसभा चुनाव में पार्टियों को मिले मत
- पार्टी मत प्रतिशत
- भाजपा 12,44,404 24.36%
- कांग्रेस 9,90,182 19.38%
- नेकां 11,39,084 22.30%
- पीडीपी 4,33,049 8.48%