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जम्मू-कश्मीरः अनुच्छेद 370 हटने से नहीं होगी डोगरी भाषा की उपेक्षाः डॉ. जितेंद्र सिंह
Mon, 16 Sep 2019 12:01 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Mon, 16 Sep 2019 12:01 PM IST
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डॉ. जितेंद्र सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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अनुच्छेद 370 के हटने के बाद डोगरी भाषा की उपेक्षा नहीं होगी। वर्षों से डोगरी भाषा उपेक्षा का शिकार रही है। इसके चलते डोगरी भाषा का संपूर्ण विकास नहीं हो पाया। यह बात केंद्रीय राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ. जितेंद्र सिंह ने रविवार को कुंवर वियोगी ऑडिटोरियम के लोकार्पण कार्यक्रम में कही। कार्यक्रम का आयोजन डोगरी संस्था जम्मू और कुंवर वियोगी मेमोरियल ट्रस्ट ने किया। कार्यक्रम में 2019 के लिए कुंवर वियोगी साहित्य पुरस्कार व कुंवर वियोगी साहित्य-कला पुरस्कार भी दिए गए।
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अपने संबोधन के दौरान डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि किसी भाषा के विकास में तीन बातें होती हैं। पहली हमें अपनी भाषा पर मान होना चाहिए, दूसरा भाषा में साहित्य होना चाहिए और तीसरा भाषा को रोजगार का जरिया बनाना चाहिए। इस दौरान डोगरी संस्था के अध्यक्ष ललित मंगोत्रा ने कहा कि डोगरी भाषा के विकास के लिए संस्था 1944 से काम कर रही है।
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