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जेई भर्ती परीक्षा घोटाला: 15 के खिलाफ चार्जशीट, सीआरपीएफ, सेना व पुलिस के लोग भी शामिल
Mon, 01 Jan 2024 05:51 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Mon, 01 Jan 2024 05:51 PM IST
सार
जांच में पता चला कि यतिन यादव नामक व्यक्ति ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर पूरा षडयंत्र रचा था। प्रिंटिंग प्रेस के कर्मचारी प्रदीप कुमार ने प्रश्नपत्र चुराकर यतिन को दिया था। यतिन ने अनिल कुमार के साथ मिलकर लीक प्रश्न पत्र बेचने का षडयंत्र रचा।
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Jammu Kashmir Recruitment Scam
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जल शक्ति विभाग में सहायक अभियंता (सिविल) की भर्ती परीक्षा घोटाले में सीबीआई ने 15 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है। इनमें सीआरपीएफ के तीन अधिकारी, तीन कमर्चारी और एक पूर्व अधिकारी, पुलिस का एएसआई व एक कांस्टेबल, सेना का एक अधिकारी व एक शिक्षक शामिल हैं। इस मामले में सीबीआई ने नौ जनवरी को जम्मू-कश्मीर सरकार की ओर से शिकायत मिलने के बाद एफआईआर दर्ज की थी।
जांच में पता चला कि यतिन यादव नामक व्यक्ति ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर पूरा षडयंत्र रचा था। प्रिंटिंग प्रेस के कर्मचारी प्रदीप कुमार ने प्रश्नपत्र चुराकर यतिन को दिया था। यतिन ने अनिल कुमार के साथ मिलकर लीक प्रश्न पत्र बेचने का षडयंत्र रचा। अनिल ने ही अन्य आरोपियों से संपर्क किया। अनिल ने सीआरपीएफ के पूर्व अधिकारी अश्विनी कुमार व हेड कांस्टेबल पवन कुमार से मुलाकात की।
अश्विनी ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के हेड कांस्टेबल रमन शर्मा, शिक्षक जगदीश लाल, सीआरपीएफ कांस्टेबल अमित कुमार शर्मा, सीआरपीएफ के कुक सुनील शर्मा, सुरेश कुमार शर्मा व राकेश कुमार से मिलकर पेपर खरीदने वाले लोगों का प्रबंध करने को कहा। आपराधिक षडयंत्र के तहत ही पवन कुमार ने सेना के सिपाही अशनी कुमार से भी संपर्क साधा।
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टेंपो ट्रेवेलर्स से अभ्यर्थियों को पंचकुला ले जाया गया
अभ्यर्थियों को टेंपो ट्रवेलर्स से पंचकुला ले जाया गया। इसकी व्यवस्था एएसआई अशोक कुमार ने की। टेंपो को अशनी के पिता अशोक कुमार चलाकर ले गया था। इसके बाद पैसे लेकर प्रश्नपत्र बेचे गए। इस पूरे अपराध में अशोक उर्फ पंडित तथा बजिंदर ने पेपर बांटने में मदद की।
कई राज्यों में कार्रवाई, 100 गवाहों का परीक्षण, 11 महीने 21 दिन में आरोप पत्र
सीबीआई ने जांच के सिलसिले में कई राज्यों में कार्रवाई की। सीडीआर के साथ ही अन्य तकनीकी साक्ष्यों, बैंक अकाउंट, टोल डाटा का विश्लेषण किया गया। साथ ही 100 गवाहों का परीक्षण किया गया। जांच एजेंसी ने 11 महीने 21 दिन में जांच पूरी कर 15 आरोपियों के खिलाफ 30 दिसंबर को चार्जशीट पेश की।
इनके खिलाफ आरोप पत्र
अशोक कुमार (एएसआई-जम्मू कश्मीर पुलिस), अश्विनी कुमार (सीआरपीएफ का रिटायर कांस्टेबल), रमन कुमार शर्मा (कांस्टेबल जेके पुलिस), अमित कुमार शर्मा (सीआरपीएफ कांस्टेबल), सुनील शर्मा (सीआरपीएफ कांस्टेबल), जगदीश लाल (शिक्षक), यतिन यादव, अनिल कुमार, अशोक उर्फ अशोक पंडित, बजिंदर सिंह, राकेश कुमार, सुरेश कुमार शर्मा व प्रदीप कुमार कटियार, पवन कुमार (सीआरपीएफ हेड कांस्टेबल) और अशनी कुमार (सेना में सिपाही)।
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जांच में पता चला कि यतिन यादव नामक व्यक्ति ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर पूरा षडयंत्र रचा था। प्रिंटिंग प्रेस के कर्मचारी प्रदीप कुमार ने प्रश्नपत्र चुराकर यतिन को दिया था। यतिन ने अनिल कुमार के साथ मिलकर लीक प्रश्न पत्र बेचने का षडयंत्र रचा। अनिल ने ही अन्य आरोपियों से संपर्क किया। अनिल ने सीआरपीएफ के पूर्व अधिकारी अश्विनी कुमार व हेड कांस्टेबल पवन कुमार से मुलाकात की।
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अश्विनी ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के हेड कांस्टेबल रमन शर्मा, शिक्षक जगदीश लाल, सीआरपीएफ कांस्टेबल अमित कुमार शर्मा, सीआरपीएफ के कुक सुनील शर्मा, सुरेश कुमार शर्मा व राकेश कुमार से मिलकर पेपर खरीदने वाले लोगों का प्रबंध करने को कहा। आपराधिक षडयंत्र के तहत ही पवन कुमार ने सेना के सिपाही अशनी कुमार से भी संपर्क साधा।
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टेंपो ट्रेवेलर्स से अभ्यर्थियों को पंचकुला ले जाया गया
अभ्यर्थियों को टेंपो ट्रवेलर्स से पंचकुला ले जाया गया। इसकी व्यवस्था एएसआई अशोक कुमार ने की। टेंपो को अशनी के पिता अशोक कुमार चलाकर ले गया था। इसके बाद पैसे लेकर प्रश्नपत्र बेचे गए। इस पूरे अपराध में अशोक उर्फ पंडित तथा बजिंदर ने पेपर बांटने में मदद की।
कई राज्यों में कार्रवाई, 100 गवाहों का परीक्षण, 11 महीने 21 दिन में आरोप पत्र
सीबीआई ने जांच के सिलसिले में कई राज्यों में कार्रवाई की। सीडीआर के साथ ही अन्य तकनीकी साक्ष्यों, बैंक अकाउंट, टोल डाटा का विश्लेषण किया गया। साथ ही 100 गवाहों का परीक्षण किया गया। जांच एजेंसी ने 11 महीने 21 दिन में जांच पूरी कर 15 आरोपियों के खिलाफ 30 दिसंबर को चार्जशीट पेश की।
इनके खिलाफ आरोप पत्र
अशोक कुमार (एएसआई-जम्मू कश्मीर पुलिस), अश्विनी कुमार (सीआरपीएफ का रिटायर कांस्टेबल), रमन कुमार शर्मा (कांस्टेबल जेके पुलिस), अमित कुमार शर्मा (सीआरपीएफ कांस्टेबल), सुनील शर्मा (सीआरपीएफ कांस्टेबल), जगदीश लाल (शिक्षक), यतिन यादव, अनिल कुमार, अशोक उर्फ अशोक पंडित, बजिंदर सिंह, राकेश कुमार, सुरेश कुमार शर्मा व प्रदीप कुमार कटियार, पवन कुमार (सीआरपीएफ हेड कांस्टेबल) और अशनी कुमार (सेना में सिपाही)।