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71 की जंग में पाक से छीनी जीप वार ट्रॉफी बन बढ़ा रही रेजीमेंट की शोभा

Mon, 09 Sep 2019 02:04 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लेह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लेह Published by: Vikas Kumar Updated Mon, 09 Sep 2019 02:04 AM IST
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Jarpal Queen Jeep was snatched from Pak in 1971 war
जरपाल क्वीन जीप - फोटो : अमर उजाला

यहां से 40 किलोमीटर दूर तीन ग्रेनेडियर रेजीमेंट के शिविर में एक पाकिस्तानी सैन्य जीप शान से हमारी शोभा बढ़ा रही है। यह वह जीप है जिसे भारत ने 1971 के युद्ध में पाकिस्तान से जीता था। इसे ‘जरपाल क्वीन’ के नाम से जाना जाता है। इस जीप को भारतीय सेना की विजेता ट्रॉफी के रूप में पूरे देश में ले जाया जाता है। 

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अमेरिका निर्मित इस विलीज जीप की हालत और चमक को बरकरार रखा गया है। इस पर उर्दू में कुछ लिखा हुआ है। किसी समय इस जीप पर रिकॉयलेस गन फिट थी। रेजीमेंट इस जीप को विजेता ट्रॉफी मानते हुए इसकी चमक को बरकरार रखने के लिए तत्पर है। 
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1982 में थ्री ग्रेनेडियर रेजीमेंट में शामिल सेना मेडल से सम्मानित कर्नल (सेवानिवृत्त) जेएस ढिल्लों बताते हैं कि हमने इसे जरपाल युद्ध के दौरान कब्जे में लिया था। पाकिस्तानी सेना ने 1971 के युद्ध में जरपाल क्षेत्र में शकरगढ़ सीमा पर भारत पर हमले के लिए तैनात किया था। भारतीय सेना ने जीत हासिल करने के साथ ही यादगार के रूप में इस जीप पर कब्जा कर लिया और इसका नाम ‘जरपाल क्वीन’ रखा गया। इस युद्ध में भारत को दो परम वीर चक्र हासिल हुए थे। परमवीर चक्र प्राप्त करने वालों में ग्रेनेडियर रेजिमेंट से कर्नल होशियार सिंह और आर्म्ड रेजिमेंट से सेकेंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल शामिल थे।  
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फिरोजपुर में कराया था रजिस्ट्रेशन
वर्तमान में पर्यटन मंत्रालय के तहत गुलमर्ग के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्कीइंग एंड माउंटेनियरिंग के प्रमुख कर्नल ढिल्लो बताते हैं कि 1988 में जब रेजीमेंट पंजाब के फिरोजपुर में थी तो सड़क पर गाड़ी चलाने के लिए जीप को पंजाब परिवहन विभाग के साथ पंजीकृत किया गया था। हमने एक नंबर लिया, बीमा किया और इसे पंजीकृत किया। यह जीप नहीं वॉर ट्रॉफी है इसे विशिष्ट मेहमानों को दिखाया जाता है और वरिष्ठ अधिकारियों को गार्ड ऑफ ऑनर के दौरान इसका इस्तेमाल भी किया जाता है।


जहां रेजीमेंट गई वहां गई
रेजिमेंट जहां भी तैनात की गई है, यह जीप वहां ले जाई गई। इनमें कुपवाड़ा, जयपुर, शिमला, फिरोजपुर, मेरठ जैसे शहरों की लंबी सूची है। जहां तक मैं याद कर सकता हूं रेजिमेंट के इथोपिया में संयुक्त राष्ट्र मिशन को छोड़कर जीप रेजीमेंट के साथ हर जगह गई। 

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