जम्मू: नई परियोजनाओं पर काम शुरू नहीं हुआ, इस बार भी झेलनी पड़ेगी पानी की किल्लत
शहर में पानी आपूर्ति करने के लिए नगर निगम की ओर से कोई भी बैठक नहीं की गई है। मौजूदा समय में 80 के करीब टैंकर है। जब पेयजल किल्लत बढ़ती है तो यह टैंकर कम पड़ जाते हैं।
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इस बार भी गर्मियों में जम्मू शहर वासियों को पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ेगा। मौजूदा समय में न तो टैंकरों की संख्या बढ़ पाई है और न ही पानी की आपूर्ति को बढ़ाया जा सकेगा। इसका बड़ा कारण नए वाटर सप्लाई प्रोजेक्टों को मंजूरी न मिलने से इन पर काम ही शुरू नहीं हो पाया। प्रोजेक्टों की फाइलें सचिवालय में ही मंजूरी के लिए घूम रही हैं।
शहर के लोगों को प्रतिदिन 54 जीएमडी पानी की जरूरत होती है, लेकिन गर्मियों में जलस्त्रोतों में पानी का स्तर गिर जाता है। इसके चलते पानी 40 से 45 जीएमडी रह जाता है। विभाग को 10 से 15 जीएमडी पानी अपने पास रखना होता है, इसके बाद लोगों तक करीब 30 जीएमडी पानी ही पहुंचेगा। जिससे इस बार भी पानी की किल्लत का सामना करना पड़ेगा।
निगम के पास 80 टैंकर
पानी घटने से इसकी आपूर्ति में भी अंतर आता है। सर्दियों में हर रोज पानी की आपूर्ति एक घंटे तक होती है, लेकिन गर्मियों में यह बीस से तीस मिनट ही हो पाएगी। इस बार जलशक्ति विभाग के चार विंग नगर निगम के अधीन हैं।
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ये परियोजनाएं मंजूरी के इंतजार में
पानी की आपूर्ति बढ़ाने के लिए विभाग ने भगवती नगर, त्रिकुटा नगर समेत चिनाब वैली वाटर सप्लाई परियोजना को शुरू करने का प्रस्ताव तैयार किया था, लेकिन अभी तक इन परियोजनाओं को मंजूरी ही नहीं मिल पाई है। फाइल सचिवालय में ही मंजूरी के इंतजार में है। अगर इन परियोजनाओं पर काम शुरू हो जाता तो इस बार लोगों को पानी की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ना था।
गर्मी में पेयजल समस्या से निपटने के लिए पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। विभाग के पास टैंकर सुविधा भी है। इसके अलावा मशीनरी की भी अतिरिक्त व्यवस्था है। लोगों को परेशानी पेश नहीं आने दी जाएगी। - हरि भूषण, एक्सइएन, जलशक्ति