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'दाखिला देने के साथ हर्जाना भरे जम्मू यूनिवर्सिटी'
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Mon, 12 Sep 2016 01:05 AM IST
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jammu univercity
- फोटो : Amar Ujala
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जम्मू यूनिवर्सिटी के लॉ स्कूल में भारत स्काउट्स एंड गाइड्स कैटेगरी में दाखिले की अर्जी पर हाईकोर्ट ने जम्मू यूनिवर्सिटी की याचिका को खारिज कर दिया।
जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट की खंडपीठ ने जम्मू यूनिवर्सिटी को न सिर्फ प्रभावित छात्र को दाखिला देने का आदेश दिया, बल्कि दस हजार रुपये का हर्जाना देने के भी निर्देश दिए। चीफ जस्टिस एनपाल वसंथाकुमार और जस्टिस ताशी राबस्तन की खंडपीठ ने पाया कि अमान शफकत मीर को भारत स्काउट्स एंड गाइड्स कैटेगरी के तहत आरक्षित सीट के लिए आरक्षण का अधिकार है।
यूनिवर्सिटी के लॉ स्कूल में किसी और विद्यार्थी को दाखिला देने से याची विद्यार्थी को जम्मू यूनिवर्सिटी से ही संबद्ध लॉ कालेज में दाखिला लेकर पढ़ाई करनी पड़ रही है।
यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर एवं अन्याें द्वारा दायर याचिका में एकल पीठ के फैसले को चुनौती दी गई थी, जिसे खंडपीठ ने खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में पक्षकार विद्यार्थी का दाखिला तत्काल निजी कालेज से यूनिवर्सिटी के लॉ स्कूल में किया जाए। साथ ही निजी कालेज में खर्च हुई 10 हजार रुपये की राशि का भुगतान भी यूनिवर्सिटी की ओर से किया जाए।
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जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट की खंडपीठ ने जम्मू यूनिवर्सिटी को न सिर्फ प्रभावित छात्र को दाखिला देने का आदेश दिया, बल्कि दस हजार रुपये का हर्जाना देने के भी निर्देश दिए। चीफ जस्टिस एनपाल वसंथाकुमार और जस्टिस ताशी राबस्तन की खंडपीठ ने पाया कि अमान शफकत मीर को भारत स्काउट्स एंड गाइड्स कैटेगरी के तहत आरक्षित सीट के लिए आरक्षण का अधिकार है।
यूनिवर्सिटी के लॉ स्कूल में किसी और विद्यार्थी को दाखिला देने से याची विद्यार्थी को जम्मू यूनिवर्सिटी से ही संबद्ध लॉ कालेज में दाखिला लेकर पढ़ाई करनी पड़ रही है।
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यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर एवं अन्याें द्वारा दायर याचिका में एकल पीठ के फैसले को चुनौती दी गई थी, जिसे खंडपीठ ने खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में पक्षकार विद्यार्थी का दाखिला तत्काल निजी कालेज से यूनिवर्सिटी के लॉ स्कूल में किया जाए। साथ ही निजी कालेज में खर्च हुई 10 हजार रुपये की राशि का भुगतान भी यूनिवर्सिटी की ओर से किया जाए।
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