Jammu University: कल दर्ज किए जाएंगे आरोप लगाने वाली छात्राओं के बयान, सवालों में विवि प्रशासन
Jammu University: एसआईटी सोमवार को उन 22 छात्राओं से भी पूछताछ करेगी, जिन्होंने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। एक-एक कर सभी छात्राओं के बयान दर्ज किए जाएंगे। इस दौरान पूछा जाएगा कि सबसे पहले यौन उत्पीड़न किसके साथ हुआ। यह भी कि क्या यह एक साथ हुआ या फिर अलग-अलग।
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मनोविज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. चंद्रशेखर की आत्महत्या मामले की जांच कर रही एसआईटी ने शनिवार को सीसीटीवी की फुटेज को जब्त कर लिया। इसके साथ ही जिस कमरे में डॉ. चंद्रशेखर ने फंदा लगाया, उसका निरीक्षण कर सुबूत भी एकत्र किए। टीम ने इस बिंदू पर जांच शुरू कर दी है कि एसोसिएट प्रो. चंद्रशेखर साढ़े तीन बजे तक काम कर रहे थे, तो इसके बाद ऐसा क्या हुआ कि अचानक उन्होंने फंदा लगा लिया।
एसआईटी सोमवार को उन 22 छात्राओं से भी पूछताछ करेगी, जिन्होंने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। एक-एक कर सभी छात्राओं के बयान दर्ज किए जाएंगे। इस दौरान पूछा जाएगा कि सबसे पहले यौन उत्पीड़न किसके साथ हुआ। यह भी कि क्या यह एक साथ हुआ या फिर अलग-अलग। इसके बाद शिकायत एचओडी से की या रजिस्ट्रार से। मामले में कैश कमेटी की तीन सदस्यों डिप्टी रजिस्ट्रार सुमिता शर्मा, लॉ स्कूल की प्रो. मोनिका नारंग और बिजनेस स्कूल की प्रो. अलका शर्मा से भी पूछताछ की जाएगी। इसके बाद एसआईटी जांच को आगे बढ़ाएगी।
एसआईटी के अनुसार कैश कमेटी को दिया गया शिकायत पत्र भी मांगा गया है। इसके अलावा क्या पहले भी डॉ. चंद्रशेखर पर यौन उत्पीड़न या अन्य आरोप लगे हैं, इसको लेकर भी जांच शुरू कर दी गई है।
दो दिन में ही रिपोर्ट देने पर पुलिस करेगी सवाल
जांच 15 दिन में होनी चाहिए थी। लेकिन दो दिन में ही कैश कमेटी ने रिपोर्ट दे दी। मामले में शिकायतकर्ता से पूछा तक नहीं गया। इस पर भी पुलिस सवाल करेगी और रिपोर्ट सहित अन्य दस्तावेज हासिल करेगी।
डॉ. चंद्रशेखर की सर्विस बुक की भी होगी जांच
पुलिस एसोसिएट प्रोफेसर चंद्रशेखर की सर्विस बुक भी चेक करेगी। सर्विस बुक से पता चलेगा कि उनका आचरण कैसा रहा है। क्या अभी ही उन पर आरोप लगे हैं या फिर पहले भी उनकी सेवाओं में इस तरह की शिकायत आई है। पुलिस मामले में पूरी जानकारी हासिल करेगी और जांच करेगी।
कमरे में नहीं था कोई सीसीटीवी
अभी तक की जांच में सामने आया है कि जिस कमरे में फंदा लगाया गया है, वहां पर कोई सीसीटीवी नहीं लगा था। इस कारण कमरे में जो घटित हुआ, उससे राज नहीं खुल पा रहा है। हालांकि एसआईटी का कहना है कि इस बारे में पता लगाया जा रहा है।
मामले में कल से तेज होगी जांच
एसआईटी ने काम करना शुरू कर दिया है। विश्वविद्यालय से तमाम रिकॉर्ड देने के लिए कहा गया है। सोमवार से जांच तेज होगी और कार्रवाई अमल में लाएगी।
- संचित, डीएसपी, गांधीनगर
सवालों के घेरे में विश्वविद्यालय प्रशासन
डॉ. चंद्रशेखर की आत्महत्या मामले में जम्मू विश्वविद्यालय प्रशासन को विद्यार्थियों ने सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। विद्यार्थियों का कहना है कि उन्हें एसआईटी पर भरोसा है, लेकिन सीबीआई जांच भी जरूरी है।
विधि विभाग के शोधार्थी विकास बधोरिया ने कहा कि छात्रों और शिक्षक संघ ने रजिस्ट्रार, कैश कमेटी की अध्यक्ष और मनोविज्ञान विभाग की अध्यक्ष को निलंबित करने की मांग की थी। लेकिन विवि प्रशासन ने किसी की बात नहीं सुनी है। अवकाश के चलते तीन दिन विश्वविद्यालय बंद रहा। दो ही दिन शैक्षिक गतिविधियां हुईं।
कम समय में कैश कमेटी और रजिस्ट्रार ने निलंबन का फैसला लिया। एसोसिएट प्रोफेसर चंद्रशेखर पर जो आरोप लगाए गए थे, उन्हें इस बारे में सूचित करना चाहिए था। कमेटी के सभी सदस्यों के समक्ष उनके पक्ष की सुनवाई होनी चाहिए थी, लेकिन उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। विकास बधोरिया ने कहा कि जांच के दौरान समिति के सभी सदस्य उपस्थित नहीं थे। समिति में शामिल तीन विद्यार्थियों को भी यौन उत्पीड़न के मामले के बारे में नहीं बुलाया गया।
अन्य मामलों में क्यों नहीं की जल्दबाजी, कल फिर से करेंगे प्रदर्शन
विश्वविद्यालय के छात्र विकास बधोरिया और ताबिश जरगर ने कहा कि कैश कमेटी के पास इस तरह के कई मामले आए हैं। अन्य मामलों की सुनवाई लंबे समय से नहीं हो पाई है। लेकिन इस मामले की सुनवाई करने में कमेटी ने जल्दबाजी की है। छात्रों का कहना है कि अन्य जिन कर्मचारियों पर आरोप लगे हैं, उनको किसी ने निलंबित पत्र नहीं दिया। उन्होंने कहा कि सोमवार को फिर से विद्यार्थी प्रदर्शन करेंगे।
आरोप सही हैं तो विभागाध्यक्ष, कैश कमेटी अध्यक्ष पर हो कार्रवाई
छात्र युवा संघर्ष समिति के अध्यक्ष महेश बख्शी ने कहा कि डॉ. चंद्रशेखर के साथ अन्याय हुआ है। सच सार्वजनिक होना चाहिए। महेश बख्शी ने कहा कि डॉ. चंद्रशेखर की पत्नी ने जो आरोप विभागाध्यक्ष पर लगाए हैं, अगर वह सही हैं तो विभागाध्यक्ष और कैश कमेटी की अध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। डॉ. चंद्रशेखर को खुदकुशी करने पर मजबूर किया गया है, तो आरोपियों के खिलाफ प्रशासन कार्रवाई करे।
एससी, एसटी प्रकोष्ठ की लंबे समय से मांग
विद्यार्थियों ने कहा कि एससी और एसटी प्रकोष्ठ स्थापित करने की लंबे समय से मांग की जा रही है। लेकिन इसकी अनदेखी की जा रही है। पूर्व वीसी प्रो. आरडी शर्मा और प्रो. मनोज धर ने भी मांग पूरी नहीं की। अब वीसी प्रो. उमेश राय से उम्मीद है।
दस लोग... जो वीसी को भी कर रहे गुमराह
शिक्षक संघ के उपाध्यक्ष डॉ. मनोज भट ने कहा कि एसआईटी गठित की गई है। डॉ. चंद्रशेखर को न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षक को कई तरह से प्रताड़ित किया जाता है। उच्च स्तर के लोग उसकी बात सुनने को तैयार नहीं होते। उन्होंने कहा कि विवि में दस के करीब लोग हैं, जो वीसी को भी गुमराह कर रहे हैं। विवि अनुदान आयोग और विश्वविद्यालय के नियम का बिल्कुल पालन नहीं करते। ऐसे लोगों की वजह से विवि का माहौल बिगड़ रहा है।