Jammu University: जेयू के विद्यार्थी बोले; A++ ग्रेड के बावजूद समस्याएं बेशुमार, कोर्स फीस भी लगातार बढ़ रही
जम्मू विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं बढ़ती फीस, हॉस्टल की कमी, सुरक्षा की चिंता और अन्य सुविधाओं की कमी को लेकर परेशान हैं।
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जम्मू विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राएं कई परेशानियों से जूझ रहे हैं। इसमें फीस वृद्धि, गर्ल्स हाॅस्टल की कमी, हाॅस्टल व विभागों में नैपकिन वेंडर मशीनें न होना, विभिन्न पाठ्यक्रम की वार्षिक फीस में वृद्धि बड़ी समस्या है। इसके अलावा विवि परिसर में सुरक्षा व्यवस्था की भी उन्हें चिंता है।
शुक्रवार को अमर उजाला कैंपस संवाद में जम्मू विश्वविद्यालय के लॉ, विज्ञान सहित विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने इन समस्याओं को उजागर किया।विद्यार्थियों ने कहा कि विवि में गरीब परिवार के बच्चों के लिए पढ़ाई करना अब आसान नहीं है। विभिन्न पाठ्यक्रमों में फीस इतनी ज्यादा हो गई है प्रवेश लेना मुश्किल होता जा रहा है। विवि में हॉस्टल की कमी है। विशेषकर लड़कियों के लिए हाॅस्टल कम हैं। इसके अलावा भी कई तरह की समस्याएं हैं। विद्यार्थियों की मांग है की विवि में अनुसंधान बढ़ाने के साथ-साथ गुणवत्ता व सस्ती शिक्षा मिले, इस तरफ ध्यान देने की जरूरत है।
ग्रेड ए प्लस प्लस, पर समस्याएं बेशुमारजम्मू विश्वविद्यालय को ए प्लस प्लस ग्रेड मिली है। यहां छात्राओं के लिए जरूरी सुविधाओं का आभाव है। गर्ल्स हास्टल और विभागों में सेनेटरी नैपकिन वेंडर मशीनें नहीं हैं। विवि प्रबंधन ने डिस्पोजल मशीनें लगाई है, जो बंद पड़ी है। विवि में पढ़ने व हास्टल में रहने वाली छात्राएं इससे प्रभावित है। विवि में सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान देने की जरूरत है।
बहुत महंगी हो गई विधि की पढ़ाईजम्मू विश्वविद्यालय के लॉ स्कूल से पढ़ाई करना मध्यवर्ग व गरीब परिवार के बच्चों के लिए सपना होने वाला है। क्योंकि लॉ कोर्स की पढ़ाई दिन ब दिन महंगी होती जा रही है। दूरदराज के बच्चे लॉ स्कूल से कानून की पढ़ाई करने का सपना देखते है, लेकिन जिस तरह के फीस में वृद्धि हो रही है उनके लिए यहां पढ़ाई करना आसान नहीं होगा। विवि प्रबंधन को छात्रवृत्ति देनी चाहिए। लॉ स्कूल में पहले सेमेस्टर की फीस 45 हजार रुपये से भी ज्यादा तक है।
कृतिका सिंह ठाकुर, विधि छात्रा
दिव्यांगजनों के अनुकूल माहौल बनेसरकार और जम्मू विवि प्रबंधन दिव्यांग छात्रों को सुविधाएं देने का दावा करती है, लेकिन जमीनी सच्चाई इससे अलग है। विवि में दिव्यांगजनों के अनुकूल माहौल नहीं है। दिव्यांग बच्चों के लिए खेल गतिविधियां नहीं है। विभागों और लाइब्रेरी में लिफ्ट नहीं है। विभाग में अगर पहले या दूसरे मंजिल पर कार्यक्रम या कक्षा है तो दिव्यांग विद्यार्थी के लिए वहां पहुंचना चुनौती बनी जाती है। दिशा शर्मा, लॉ छात्रा
लाइब्रेरी में स्कॉलर सेक्शन की तरह सुविधाएं होंविवि में सेंट्रल लाइब्रेरी है। विद्यार्थी लंबे समय से मांग कर रहे है लाइब्रेरी में स्कॉलर सेक्शन की तरह सुविधा हो, लेकिन विवि प्रबंधन का इस और ध्यान नहीं है। इस सुविधा के मिलने से बच्चे लाइब्रेरी में अच्छे से पढ़ सकते थे। विवि प्रबंधन ने परिसर में चार पहिया वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जो अच्छी पहल है। लेकिन वाहन पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। अजीवर सिंह, लॉ छात्र
जम्मू विश्वविद्यालय में छात्राओं की संख्या काफी ज्यादा है। बावजूद इसके लिए छात्राओं के लिए पर्याप्त हास्टल सुविधा नहीं है। केंद्रीय विवि ने निजी बील्डिंग में अस्थायी हॉस्टल की सुविधा दी है, लेकिन जेयू इस तरफ ध्यान नहीं दे रहा है। विवि कैंपस में विद्यार्थी पेट्रोल जैसे पदार्थ लेकर आ रहा है। यह सुरक्षा दृष्टि से काफी चिंताजनक है। विवि प्रबंधन को मुख्य गेट पर सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त करने होंगे। ताकि कोई असामाजिक तत्व विवि कैंप में नहीं आ पाए। मित्तल जसरोटिया, विज्ञान विभागबढ़ाई जाए छात्रावासों की संख्या
इमारतें हो चुकी हैं पुरानीविवि में छात्र काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विवि के विभिन्न विभागों की पुरानी बिल्डिंग है। सुरक्षा भी बड़ी चिंता है। पिछले दिनों विवि में कुछ छात्र पेट्रोल लेकर आए परिसर में आए थे जो अन्य विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए खतरा है। विवि प्रबंधन को पुलिस व सीआरपीएफ की तैनाती करना होगी ताकि सुरक्षा से किसी तरह का समझता न हो। चैतान्य मंगोत्रा, विधि छात्र