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छात्रों के बाद अब शिक्षक भी सामने
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जम्मू। जम्मू विश्वविद्यालय में डॉ. चंद्रशेखर की आत्महत्या के बाद से कक्षाएं बंद पड़ी हैं। इसकी चिंता अब शिक्षक भी जताने लगे हैं। जम्मू विश्वविद्यालय के पुंछ कैंपस के रेक्टर प्रो. दीपांकर सेन गुप्ता ने संबंधित प्रकरण को लेकर शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रोफेसर पंकज श्रीवास्तव को पत्र भेजा है।
पत्र में लिखा है कि एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. चंद्रशेखर की आत्महत्या के बाद कैश कमेटी को हटाने और सीबीआई जांच की मांग को लेकर हड़ताल जारी है। यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच करने में चूक की गई है। प्रक्रिया को ध्यान में नहीं रखा गया। संबंधित अधिकारियों ने बिना सोचे समझे जल्दबाजी में निलंबन पत्र देने का निर्णय लिया।
पत्र के अनुसार प्रोफेसर दीपांकर ने कहा कि एक सहकर्मी व मित्र के खोने से सभी शिक्षकों को दुख हुआ है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने में समय लगेगा। इस बीच छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। सत्र पहले ही देरी से शुरू हुआ है।
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छात्रों को ध्यान में रखते हुए प्रोफेसर दीपांकर ने शिक्षक संघ से आंदोलन वापस लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि एसआईटी और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने मामले को संज्ञान में लिया है। रिपोर्ट आने का इंतजार करें और कक्षाएं शुरू करें।
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पत्र में लिखा है कि एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. चंद्रशेखर की आत्महत्या के बाद कैश कमेटी को हटाने और सीबीआई जांच की मांग को लेकर हड़ताल जारी है। यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच करने में चूक की गई है। प्रक्रिया को ध्यान में नहीं रखा गया। संबंधित अधिकारियों ने बिना सोचे समझे जल्दबाजी में निलंबन पत्र देने का निर्णय लिया।
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पत्र के अनुसार प्रोफेसर दीपांकर ने कहा कि एक सहकर्मी व मित्र के खोने से सभी शिक्षकों को दुख हुआ है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने में समय लगेगा। इस बीच छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। सत्र पहले ही देरी से शुरू हुआ है।
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छात्रों को ध्यान में रखते हुए प्रोफेसर दीपांकर ने शिक्षक संघ से आंदोलन वापस लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि एसआईटी और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने मामले को संज्ञान में लिया है। रिपोर्ट आने का इंतजार करें और कक्षाएं शुरू करें।