फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   jammu teachers 600 in district and two thousand teachers in division surplus

शिक्षा: जम्मू जिले में 600 तो संभाग में दो हजार शिक्षक हैं सरप्लस, गांवों में कई जगह कमी

Mon, 07 Nov 2022 05:18 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Mon, 07 Nov 2022 05:18 PM IST
सार

जम्मू संभाग में दो हजार तो जम्मू जिले में छह सौ सरप्लस शिक्षक हैं। इनमें तो कुछ ऐसे भी हैं जिनका नियुक्ति के बाद कभी तबादला ही नहीं हुआ।

विज्ञापन
jammu teachers 600 in district and two thousand teachers in division surplus
शिक्षा - फोटो : istock

विस्तार

जम्मू संभाग के ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षकों का टोटा है, लेकिन शहरों में शिक्षक सरप्लस हैं। जिला मुख्यालय के स्कूलों और शिक्षा विभाग के कार्यालय में शिक्षक लंबे समय से डटे हैं। जम्मू संभाग में दो हजार तो जम्मू जिले में छह सौ सरप्लस शिक्षक हैं। इनमें तो कुछ ऐसे भी हैं जिनका नियुक्ति के बाद कभी तबादला ही नहीं हुआ। 

विज्ञापन


शहर के हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों में स्वीकृत पद सात हैं, लेकिन वहां 15 शिक्षक तैनात है। हाई स्कूलों में ऐसी स्थिति सबसे ज्यादा हैं, जिसमें बड़े अधिकारियों के रिश्तेदारों की संख्या ज्यादा है। रामबन, रियासी, राजोरी, कठुआ, डोडा, किश्तवाड़ जिलों के दूरदराज क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी है।
विज्ञापन


स्कूल शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार ग्रामीण जिलों के प्राइमरी स्कूलों में दो-दो, मिडिल स्कूल में चार से सात और हाई स्कूल में आठ से नौ जबकि हायर सेकेंडरी में 15 तक ही शिक्षक हैं, जबकि शहरों के प्राइमरी स्कूलों में पांच से छह शिक्षक तैनात हैं। हाई स्कूलों में सबसे ज्यादा दस से 15 शिक्षक हैं। इनमें ऐसे शिक्षक हैं जो पांच से छह वर्षों से सरप्लस हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


उनके मूल तैनाती स्थल पर पद खाली हैं, लेकिन रसूख के चलते वह शहर के स्कूलों और विभाग के कार्यालयों में काम कर रहे हैं। सरप्लस शिक्षकों के तबादले के लिए विभाग की हर पहल विफल होती दिख रही है। युक्तिकरण अभियान से भी सरप्लस शिक्षक अछूते हैं। स्कूल शिक्षा निदेशालय में ही 50  से अधिक शिक्षक हैं, जो लंबे समय से अटेचमेंट लेकर बैठे हैं। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी और जोनल शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में शिक्षक काम कर रहे हैं, जबकि उनके मूल तैनाती स्थल पर शिक्षकों की कमी है। 


रामबन, रियासी, राजोरी, कठुआ, डोडा, किश्तवाड़ जिलों के दूरदराज क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी है। स्कूल शिक्षा विभाग सरप्लस शिक्षकों की संख्या बताने से भी परहेज करता है, क्योंकि शहरों में डटे अधिकांश सरप्लस शिक्षकों का या तो किसी प्रशासिनक अधिकारी या फिर राजनेताओं से संबंध है। जरनल लाइन टीचर फोरम के अध्यक्ष नीजर शर्मा ने कहा कि सरप्लस शिक्षकों को गांवों में भेजने की जरूरत है। विभाग को ऐसे शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed