सपनों की मंजिल दूर, जेब खाली: झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के मजदूर जम्मू में बेबस, धर्मशाला में ले रहे शरण
भूस्खलन और बाढ़ के कारण पिछले तीन दिनों से जम्मू-श्रीनगर हाईवे बंद होने से 350 से अधिक यात्री फंस गए हैं और राहत के लिए इंतजार कर रहे हैं।
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जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश और भूस्खलन ने जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को बंद कर दिया है, जिससे 350 से अधिक लोग फंस गए हैं। इन लोगों में 11 मजदूर भी शामिल हैं, जो झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़ और नेपाल से जम्मू-कश्मीर व लद्दाख के विभिन्न जिलों में काम की तलाश में आए थे।
वर्तमान परिस्थितियों में ये मजदूर और अन्य यात्री पिछले तीन दिनों से जम्मू में फंसे हुए हैं। सभी यात्री मौसम ठीक होने और राजमार्ग खुलने का बेकरारी से इंतजार कर रहे हैं ताकि वे अपनी मंजिल तक पहुंच सकें। भूस्खलन और सड़क बंद होने के कारण इन मजदूरों के पास न तो कमाने का साधन है और न ही कोई ठिकाना। अब तक उनके जो थोड़े बहुत पैसे थे, उन्हीं से अब तक गुजरा कर रहे हैं। इन लोगों ने जम्मू के एक अग्रवाल धर्मशाला में अस्थायी रूप से आश्रय लिया।
भोजन, दवा और दैनिक आवश्यकताओं के लिए लोग संघर्ष कर रहे हैं। मौसम की खराबियों ने लेह, लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के कई जिलों की ओर जाने वाले कई मार्गों को प्रभावित किया है।
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