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Jammu News: खेल संघों की देनदारी चुकाने में विभाग के छूट रहे पसीने, करोड़ों का भुगतान अटका
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पांच खेल संघों का पैसा अटका, सचिवालय में एक से दूसरे अधिकारी के पास स्वीकृति के लिए घूम रहीं फाइलें
जिम्नास्टिक, स्पीडबॉल, बैडमिंटन, टेनिस बॉल क्रिकेट, सॉफ्टबॉल राष्ट्रीय चैंपियनशिप के आयोजन के लिए पैसा नहीं मिला
अमर उजाला ब्यूरो
अरुण कुमार
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रीय चैंपियनशिप करवाने वाले संघों की देनदारी को चुकाने में खेल विभाग के पसीने छूट रहे हैं। छह खेल संघों का करोड़ो रुपये का पैसा सरकार के पास अटका है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में आयोजित चैंपियनशिप के भुगतान से जुड़ी फाइलें मंजूरी के लिए खेल मंत्री और युवा सेवा व खेल विभाग के सचिव के बीच घूम रही हैं। प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही है, जबकि हर खेल संघों ने लाखों रुपये खर्च कर चैंपियनशिप की मेजबानी ली थी।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिम्नास्टिक, स्पीडबॉल, बैडमिंटन, साफ्टबॉल, टेनिस बॉल क्रिकेट की राष्ट्रीय चैंपियनशिप जम्मू व श्रीनगर शहर में हुई थी। इसमें देश के विभिन्न राज्यों से टीमों ने भाग लिया था। तीन दिन से लेकर एक सप्ताह तक हुई इन चैंपियनशिप का सफल आयोजन करवाने के लिए खेल संघों ने लाखों रुपये का खर्च किया। इसमें खिलाड़ियों के रहने, खाने, परिवहन सहित अन्य व्यवस्थाओं पर खर्च किया। खेल संघों ने जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल के बैनर तले इन चैंपियनशिप की मेजबानी ली थी।
चैंपियनशिप होने के छह से आठ महीने के बाद भी खेल संघों का भुगतान नहीं किया गया है। इससे जुड़ी फाइलें सचिवालय में अटकी हैं। समय पर भुगतान नहीं मिलने का असर इन खेल संघों के भविष्य की चैंपियनशिप पर पड़ रहा। इन्होंने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए दिए खेल कैलेंडर में राष्ट्रीय चैंपियनशिप करवाने का प्रस्ताव दिया है।
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खेल एसोसिएशन के सदस्यों का कहना है कि राष्ट्रीय चैंपियनशिप का भुगतान नहीं होना, सरकार का खेलों को बढ़ावा देने के प्रति रवैये को दर्शाता है। राष्ट्रीय स्तर की चैंपियनशिप के आयोजन में करोड़ रुपये तक लग जाते हैं। खेल संघ किसी न किसी से यह पैसा लेता है। अगर चैंपियनशिप का भुगतान ही नहीं होगा, तो भविष्य में इस तरह की चैंपियनशिप का आयोजन कैसे करवा सकेंगे।
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किस खेल संघ को किस चैंपियनशिप के लिए भुगतान नहीं
-नवंबर में जम्मू-कश्मीर टेनिस बाॅल क्रिकेट एसोसिएशन ने 35वीं नेशनल टेनिस बॉल क्रिकेट चैंपियनशिप का आयोजन किया था। इसमें 66 टीमों के 1250 खिलाड़ियों ने भाग लिया था। एसोसिएशन को अभी तक इस चैंपियनशिप के लिए स्पोर्ट्स काउंसिल से भुगतान नहीं मिला। एसोसिएशन का दावा है कि 18 लाख रुपये का खर्च आया था।
-जम्मू-कश्मीर बैडमिंटन एसोसिएशन ने योनेक्स-सनराइज 36वीं सब जूनियर (अंडर-13) राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप का आयोजन 27 से 30 नवंबर 2024 तक जम्मू में किया था। अभी तक इस चैंपियनशिप के लिए स्पोर्ट्स काउंसिल ने भुगतान नहीं किया।
- राष्ट्रीय एरोबिक जिम्नास्टिक चैंपियनशिप 2024-25 का आयोजन किया था। इसमें 500 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया था। चैंपियनशिप 10 से 13 जनवरी तक थी।
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कोट
खेल संघों को राष्ट्रीय चैंपियनशिप के लिए भुगतान करना जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल का काम होता है। इस संबंध में सचिव स्पोर्ट्स काउंसिल ही कुछ बता सकती है।
सरमद हफीज, सचिव, जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल
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जिम्नास्टिक, स्पीडबॉल, बैडमिंटन, टेनिस बॉल क्रिकेट, सॉफ्टबॉल राष्ट्रीय चैंपियनशिप के आयोजन के लिए पैसा नहीं मिला
अमर उजाला ब्यूरो
अरुण कुमार
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रीय चैंपियनशिप करवाने वाले संघों की देनदारी को चुकाने में खेल विभाग के पसीने छूट रहे हैं। छह खेल संघों का करोड़ो रुपये का पैसा सरकार के पास अटका है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में आयोजित चैंपियनशिप के भुगतान से जुड़ी फाइलें मंजूरी के लिए खेल मंत्री और युवा सेवा व खेल विभाग के सचिव के बीच घूम रही हैं। प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही है, जबकि हर खेल संघों ने लाखों रुपये खर्च कर चैंपियनशिप की मेजबानी ली थी।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिम्नास्टिक, स्पीडबॉल, बैडमिंटन, साफ्टबॉल, टेनिस बॉल क्रिकेट की राष्ट्रीय चैंपियनशिप जम्मू व श्रीनगर शहर में हुई थी। इसमें देश के विभिन्न राज्यों से टीमों ने भाग लिया था। तीन दिन से लेकर एक सप्ताह तक हुई इन चैंपियनशिप का सफल आयोजन करवाने के लिए खेल संघों ने लाखों रुपये का खर्च किया। इसमें खिलाड़ियों के रहने, खाने, परिवहन सहित अन्य व्यवस्थाओं पर खर्च किया। खेल संघों ने जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल के बैनर तले इन चैंपियनशिप की मेजबानी ली थी।
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चैंपियनशिप होने के छह से आठ महीने के बाद भी खेल संघों का भुगतान नहीं किया गया है। इससे जुड़ी फाइलें सचिवालय में अटकी हैं। समय पर भुगतान नहीं मिलने का असर इन खेल संघों के भविष्य की चैंपियनशिप पर पड़ रहा। इन्होंने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए दिए खेल कैलेंडर में राष्ट्रीय चैंपियनशिप करवाने का प्रस्ताव दिया है।
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खेल एसोसिएशन के सदस्यों का कहना है कि राष्ट्रीय चैंपियनशिप का भुगतान नहीं होना, सरकार का खेलों को बढ़ावा देने के प्रति रवैये को दर्शाता है। राष्ट्रीय स्तर की चैंपियनशिप के आयोजन में करोड़ रुपये तक लग जाते हैं। खेल संघ किसी न किसी से यह पैसा लेता है। अगर चैंपियनशिप का भुगतान ही नहीं होगा, तो भविष्य में इस तरह की चैंपियनशिप का आयोजन कैसे करवा सकेंगे।
किस खेल संघ को किस चैंपियनशिप के लिए भुगतान नहीं
-नवंबर में जम्मू-कश्मीर टेनिस बाॅल क्रिकेट एसोसिएशन ने 35वीं नेशनल टेनिस बॉल क्रिकेट चैंपियनशिप का आयोजन किया था। इसमें 66 टीमों के 1250 खिलाड़ियों ने भाग लिया था। एसोसिएशन को अभी तक इस चैंपियनशिप के लिए स्पोर्ट्स काउंसिल से भुगतान नहीं मिला। एसोसिएशन का दावा है कि 18 लाख रुपये का खर्च आया था।
-जम्मू-कश्मीर बैडमिंटन एसोसिएशन ने योनेक्स-सनराइज 36वीं सब जूनियर (अंडर-13) राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप का आयोजन 27 से 30 नवंबर 2024 तक जम्मू में किया था। अभी तक इस चैंपियनशिप के लिए स्पोर्ट्स काउंसिल ने भुगतान नहीं किया।
- राष्ट्रीय एरोबिक जिम्नास्टिक चैंपियनशिप 2024-25 का आयोजन किया था। इसमें 500 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया था। चैंपियनशिप 10 से 13 जनवरी तक थी।
कोट
खेल संघों को राष्ट्रीय चैंपियनशिप के लिए भुगतान करना जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल का काम होता है। इस संबंध में सचिव स्पोर्ट्स काउंसिल ही कुछ बता सकती है।
सरमद हफीज, सचिव, जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल