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जम्मू रोपवे प्रोजेक्ट में बड़ा हादसा, दो की मौत, चार घायल, मृतकों के परिवार को 5 लाख
Mon, 21 Jan 2019 12:02 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Vikas Kumar
Updated Mon, 21 Jan 2019 12:02 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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जम्मू रोपवे प्रोजेक्ट के रेस्क्यू ट्रॉली के सुरक्षा ट्रायल के दौरान महामाया मंदिर के पास दुर्घटनाग्रस्त होकर नीचे गिर जाने से दो मैकेनिक की मौत हो गई। चार अन्य मैकेनिक गंभीर रूप से घायल हैं। ट्रॉली के नीचे गिरने के 15 मिनट तक घटना का किसी को पता नहीं चल सका। इसके बाद घायलों को जीएमसी पहुंचाया गया। राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही मृतकों के परिवार वालों को पांच लाख रुपये सहायता की घोषणा की है। घायलों का मुफ्त इलाज करने के भी निर्देश दिए हैं। इस प्रोजेक्ट का तीन फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटन प्रस्तावित था।
शनिवार शाम सेक्शन दो महामाया-बागे बाहु रूट पर छह मकैनिक रेस्क्यू ट्रॉली का ट्रायल रन कर रहे थे। इसी दौरान शाम करीब 5:20बजे ट्रॉली बीच रास्ते में पलट गई। सभी मकैनिक रेस्क्यू ट्रॉली समेत 50 फुट नीचे जा गिरे। इस हादसे में बंगाल के राकेश (45) की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि हरिकृष्ण यादव (45) ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। इस हादसे की जानकारी के बाद राज्यपाल के सलाहकार खुर्शीद अहमद गनई व मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम भी हादसा पीड़ितों का हाल लेने जीएमसी पहुंचे। मुख्य सचिव ने घटनास्थल का भी दौरा किया। साथ ही पुलिस को हिदायत दी कि पूरे इलाके को घेरकर रखा जाए ताकि लोग मौके तक नहीं पहुंच सकें।
रेस्क्यू रिहर्सल बन गई मौत का कारण
रेस्क्यू ट्रॉली ट्रायल के दौरान ट्रॉली में मंजित सिंह (50) व रवींद्र (30) (सभी निवासी-उत्तर प्रदेश, मौजूदा निवास-पीरखो जम्मू), बलकित सिंह (32) निवासी त्रिकुटा नगर, मंजित सिंह (32) निवासी पश्चिम बंगाल, हरिकृष्ण यादव और राकेश सवार थे। घायल मकैनिक रविंद्र ने बताया कि शाम को ट्रायल के दौरान ही रेस्क्यू ट्रॉली का दरवाजा बीच रास्ते में जाम हो गया था। इसके बाद उसे ठीक करने का प्रयास किया जा रहा था, तभी ट्रॉली पलट गई। सभी छह मकैनिक व सहायक करीब 50 फीट नीचे पत्थरों पर गिरे।
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नहीं पहनी थी सेफ्टी बेल्ट
निर्माण एजेंसी की बड़ी लापरवाही की बात भी सामने आ रही है। एक अधिकारी ने नाम न लिखने की शर्त पर बताया कि अब तक की जांच में सामने आया है कि किसी भी मकैनिक ने सेफ्टी बेल्ट नहीं लगाई थी। वहीं, रेस्क्यू ट्रॉली में सिर्फ चार लोगों के एक साथ बैठने का नियम है। कंपनी अधिकारियों ने बड़ी अनदेखी की और हादसे के वक्त इसमें छह लोग बैठे थे। अधिकारी के मुताबिक कंपनी पर भी कार्रवाई होगी।
केबिन नहीं गिरा है। कोलकाता आधारित दामोदर कंपनी के लोग अपने स्तर पर काम कर रहे थे। महामाया साइट में ट्राली अनियंत्रित होकर 20 फीट नीचे गिर गई है।
- नूर हुसैन, साइट इंचार्ज, जेएंडके स्टेट केबल कार कॉरपोरेशन
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शनिवार शाम सेक्शन दो महामाया-बागे बाहु रूट पर छह मकैनिक रेस्क्यू ट्रॉली का ट्रायल रन कर रहे थे। इसी दौरान शाम करीब 5:20बजे ट्रॉली बीच रास्ते में पलट गई। सभी मकैनिक रेस्क्यू ट्रॉली समेत 50 फुट नीचे जा गिरे। इस हादसे में बंगाल के राकेश (45) की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि हरिकृष्ण यादव (45) ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। इस हादसे की जानकारी के बाद राज्यपाल के सलाहकार खुर्शीद अहमद गनई व मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम भी हादसा पीड़ितों का हाल लेने जीएमसी पहुंचे। मुख्य सचिव ने घटनास्थल का भी दौरा किया। साथ ही पुलिस को हिदायत दी कि पूरे इलाके को घेरकर रखा जाए ताकि लोग मौके तक नहीं पहुंच सकें।
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रेस्क्यू रिहर्सल बन गई मौत का कारण
रेस्क्यू ट्रॉली ट्रायल के दौरान ट्रॉली में मंजित सिंह (50) व रवींद्र (30) (सभी निवासी-उत्तर प्रदेश, मौजूदा निवास-पीरखो जम्मू), बलकित सिंह (32) निवासी त्रिकुटा नगर, मंजित सिंह (32) निवासी पश्चिम बंगाल, हरिकृष्ण यादव और राकेश सवार थे। घायल मकैनिक रविंद्र ने बताया कि शाम को ट्रायल के दौरान ही रेस्क्यू ट्रॉली का दरवाजा बीच रास्ते में जाम हो गया था। इसके बाद उसे ठीक करने का प्रयास किया जा रहा था, तभी ट्रॉली पलट गई। सभी छह मकैनिक व सहायक करीब 50 फीट नीचे पत्थरों पर गिरे।
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नहीं पहनी थी सेफ्टी बेल्ट
निर्माण एजेंसी की बड़ी लापरवाही की बात भी सामने आ रही है। एक अधिकारी ने नाम न लिखने की शर्त पर बताया कि अब तक की जांच में सामने आया है कि किसी भी मकैनिक ने सेफ्टी बेल्ट नहीं लगाई थी। वहीं, रेस्क्यू ट्रॉली में सिर्फ चार लोगों के एक साथ बैठने का नियम है। कंपनी अधिकारियों ने बड़ी अनदेखी की और हादसे के वक्त इसमें छह लोग बैठे थे। अधिकारी के मुताबिक कंपनी पर भी कार्रवाई होगी।
केबिन नहीं गिरा है। कोलकाता आधारित दामोदर कंपनी के लोग अपने स्तर पर काम कर रहे थे। महामाया साइट में ट्राली अनियंत्रित होकर 20 फीट नीचे गिर गई है।
- नूर हुसैन, साइट इंचार्ज, जेएंडके स्टेट केबल कार कॉरपोरेशन