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Jammu News: वास्तविक ओबीसी सर्वेक्षण करवाने के साथ मिले राजनीतिक भागीदारी
Wed, 26 Feb 2025 02:23 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Wed, 26 Feb 2025 02:23 AM IST
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मांगों के समर्थन में प्रदर्शन करते ओबीसी संगठनों के सदस्य। संवाद
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ओबीसी संगठनों ने प्रदर्शन कर सरकार से उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। ओबीसी संगठनों ने मंगलवार को प्रेस क्लब के बाहर प्रदर्शन कर सरकार से वास्तविक ओबीसी सर्वेक्षण करवाने और राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
प्रदर्शन का आयोजन जम्मू-कश्मीर में ओबीसी अधिकार तिरंगा यात्रा के बैनर तले ऑल जेएंडके ओबीसी महासभा, ऑल इंडिया बैकवर्ड क्लासेस फेडरेशन जेके-यूनिट, ऑल जेएंडके ओबीसी वेलफेयर फोरम श्रीनगर, बैकवर्ड क्लासेस यूनियन राजौरी-पुंछ सहित विभिन्न ओबीसी संगठनों ने संयुक्त रूप से किया।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बताया कि प्रदर्शन का उद्देश्य मुख्यमंत्री, उपराज्यपाल और केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय को यह बताना था कि जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा 11 जून 2024 को गठित जम्मू और कश्मीर स्थानीय निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग और 20 जिलों में चलाया गया ओबीसी सर्वेक्षण केवल दिखावा है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग में ओबीसी समुदाय का कोई भी प्रतिनिधित्व नहीं है और सर्वेक्षण बिना किसी डोर-टू-डोर प्रक्रिया के तैयार किया गया है। रिपोर्टें आधिकारिक वेबसाइटों पर भी उपलब्ध नहीं हैं। 20 फरवरी 2025 को ओबीसी निगरानी समिति द्वारा जारी रिपोर्ट में बताया गया कि जम्मू-कश्मीर में 42 ओबीसी जातियों की 65 फीसदी जनसंख्या होने के बावजूद उन्हें पंचायतों, शहरी निकायों और विधानसभा में कोई प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। ओबीसी संगठनों ने मंगलवार को प्रेस क्लब के बाहर प्रदर्शन कर सरकार से वास्तविक ओबीसी सर्वेक्षण करवाने और राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
प्रदर्शन का आयोजन जम्मू-कश्मीर में ओबीसी अधिकार तिरंगा यात्रा के बैनर तले ऑल जेएंडके ओबीसी महासभा, ऑल इंडिया बैकवर्ड क्लासेस फेडरेशन जेके-यूनिट, ऑल जेएंडके ओबीसी वेलफेयर फोरम श्रीनगर, बैकवर्ड क्लासेस यूनियन राजौरी-पुंछ सहित विभिन्न ओबीसी संगठनों ने संयुक्त रूप से किया।
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इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बताया कि प्रदर्शन का उद्देश्य मुख्यमंत्री, उपराज्यपाल और केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय को यह बताना था कि जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा 11 जून 2024 को गठित जम्मू और कश्मीर स्थानीय निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग और 20 जिलों में चलाया गया ओबीसी सर्वेक्षण केवल दिखावा है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग में ओबीसी समुदाय का कोई भी प्रतिनिधित्व नहीं है और सर्वेक्षण बिना किसी डोर-टू-डोर प्रक्रिया के तैयार किया गया है। रिपोर्टें आधिकारिक वेबसाइटों पर भी उपलब्ध नहीं हैं। 20 फरवरी 2025 को ओबीसी निगरानी समिति द्वारा जारी रिपोर्ट में बताया गया कि जम्मू-कश्मीर में 42 ओबीसी जातियों की 65 फीसदी जनसंख्या होने के बावजूद उन्हें पंचायतों, शहरी निकायों और विधानसभा में कोई प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया।