{"_id":"66d95b17ed8023c6f602067f","slug":"jammu-news-when-pm-modi-cried-during-election-campaign-there-was-silence-in-kishtwar-public-meeting-2024-09-05","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Jammu Election: जब चुनावी प्रचार में रो पड़े थे पीएम मोदी, किश्तवाड़ जनसभा में छाया था सन्नाटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu Election: जब चुनावी प्रचार में रो पड़े थे पीएम मोदी, किश्तवाड़ जनसभा में छाया था सन्नाटा
Thu, 05 Sep 2024 12:55 PM IST
निकिता गुप्ता
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: निकिता गुप्ता
Updated Thu, 05 Sep 2024 12:55 PM IST
सार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2014 में किश्तवाड़ जनसभा के दौरान राजोरी-पुंछ के बच्चों के किस्से को सुनाते हुए रो पड़े जिससे सभा में सन्नाटा छा गया था।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
- फोटो : ANI
विस्तार
22 नवंबर 2014 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किश्तवाड़ में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए भावुकता के जज़्बातों को साझा किया। जिससे सभा में सन्नाटा छा गया। पीएम मोदी ने राजोरी-पुंछ क्षेत्र के बच्चों के बारे में एक किस्सा सुनाते हुए अपनी भावनाओं को रोक नहीं पाए और मंच पर रो पड़े।
प्रधानमंत्री मोदी ने सभा को बताया कि किस तरह उन्होंने राजोरी-पुंछ के बच्चों को दिल्ली में नाश्ते के लिए आमंत्रित किया। इस खबर के फैलने पर बच्चों के गांव में हर्षोल्लास का माहौल था, लेकिन गांव में टीवी नहीं था। इस पर गांववालों ने चंदा जुटाकर टीवी खरीदी ताकि वे पीएम मोदी को टीवी पर देख सकें।
प्रधानमंत्री मोदी ने भावुक होकर यह किस्सा सुनाया और अपनी आवाज़ को संभालते हुए जनसभा को बताया कि इस भावनात्मक घटना ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया। उनकी आवाज रुंध गई और कुछ मिनटों के लिए सभा में पूरी तरह से सन्नाटा छा गया। इस दौरान, उन्होंने अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए बताया कि ऐसे छोटे-छोटे पलों से ही जनता के प्रति उनके लगाव और समझ की झलक मिलती है। यह घटना प्रधानमंत्री मोदी के व्यक्तित्व और उनकी जनता के प्रति सच्ची संवेदनशीलता को दर्शाती है। जिसने उस दिन की जनसभा को एक अविस्मरणीय पल बना दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रधानमंत्री मोदी ने सभा को बताया कि किस तरह उन्होंने राजोरी-पुंछ के बच्चों को दिल्ली में नाश्ते के लिए आमंत्रित किया। इस खबर के फैलने पर बच्चों के गांव में हर्षोल्लास का माहौल था, लेकिन गांव में टीवी नहीं था। इस पर गांववालों ने चंदा जुटाकर टीवी खरीदी ताकि वे पीएम मोदी को टीवी पर देख सकें।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री मोदी ने भावुक होकर यह किस्सा सुनाया और अपनी आवाज़ को संभालते हुए जनसभा को बताया कि इस भावनात्मक घटना ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया। उनकी आवाज रुंध गई और कुछ मिनटों के लिए सभा में पूरी तरह से सन्नाटा छा गया। इस दौरान, उन्होंने अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए बताया कि ऐसे छोटे-छोटे पलों से ही जनता के प्रति उनके लगाव और समझ की झलक मिलती है। यह घटना प्रधानमंत्री मोदी के व्यक्तित्व और उनकी जनता के प्रति सच्ची संवेदनशीलता को दर्शाती है। जिसने उस दिन की जनसभा को एक अविस्मरणीय पल बना दिया।
विज्ञापन