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डीपीसी नहीं तो दो से धरना
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जम्मू। स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सा कर्मियों ने डीपीसी (डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी) के लिए दो फरवरी से धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है। उन्होंने स्वास्थ्य निदेशक से कहा कि अगर एक फरवरी तक उनकी डीपीसी मांग पर गौर नहीं किया गया तो वे अगले दिन से जिला और ब्लॉक हेडक्वार्टर पर धरना शुरू कर देंगे।
जम्मू-कश्मीर मेडिकल इंप्लाइज फेडरेशन के शिष्टमंडल ने प्रधान सुशील सूदन के नेतृत्व में मंगलवार को स्वास्थ्य निदेशक डॉ. रेणु शर्मा से मुलाकात की। सूदन ने कहा कि पिछले 3-4 साल से डीपीसी का मामला लटका हुआ है। पिछले 11 माह से कोविड महामारी के बीच चिकित्सा कर्मचारी पूरे कर्तव्य के साथ अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसमें कई कर्मियों को अपनी जान गंवानी पड़ी है, लेकिन कर्मियों को डीपीसी का हक नहीं दिया जा रहा। जीएमसी और ड्रग एंड फूड कंट्रोल आर्गेनाइजेशन की तर्ज पर नियमित डीपीसी की जाएगी। इससे पहले फेडरेशन के सदस्यों ने खुद अपनी एक बैठक में इन मुद्दों पर चर्चा की। पिछले लंबे समय से चिकित्सा कर्मी डीपीसी सहित अन्य मांगों के लिए जोर दे रहे हैं, लेकिन विभागीय प्रशासन की ओर से कोई खास कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के दौरान जान गंवाने वाले चिकित्सा कर्मियों के परिजनों को अभी तक अनुग्रह राशि जारी नहीं की गई है। इसके अलावा फीमेल मल्टीपर्पज हेल्थ वर्करों के वेतन को जारी किया जाए। पिछले चार माह से वेतन न मिलने के कारण कर्मियों को भारी आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस दौरान चौधरी जरनैल सिंह, कमल जीत साहनी, नीलम कुमारी, पवन जमवाल, धमेंद्र सिंह, वेद पाल सैनी आदि मौजूद रहे।
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जम्मू-कश्मीर मेडिकल इंप्लाइज फेडरेशन के शिष्टमंडल ने प्रधान सुशील सूदन के नेतृत्व में मंगलवार को स्वास्थ्य निदेशक डॉ. रेणु शर्मा से मुलाकात की। सूदन ने कहा कि पिछले 3-4 साल से डीपीसी का मामला लटका हुआ है। पिछले 11 माह से कोविड महामारी के बीच चिकित्सा कर्मचारी पूरे कर्तव्य के साथ अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसमें कई कर्मियों को अपनी जान गंवानी पड़ी है, लेकिन कर्मियों को डीपीसी का हक नहीं दिया जा रहा। जीएमसी और ड्रग एंड फूड कंट्रोल आर्गेनाइजेशन की तर्ज पर नियमित डीपीसी की जाएगी। इससे पहले फेडरेशन के सदस्यों ने खुद अपनी एक बैठक में इन मुद्दों पर चर्चा की। पिछले लंबे समय से चिकित्सा कर्मी डीपीसी सहित अन्य मांगों के लिए जोर दे रहे हैं, लेकिन विभागीय प्रशासन की ओर से कोई खास कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के दौरान जान गंवाने वाले चिकित्सा कर्मियों के परिजनों को अभी तक अनुग्रह राशि जारी नहीं की गई है। इसके अलावा फीमेल मल्टीपर्पज हेल्थ वर्करों के वेतन को जारी किया जाए। पिछले चार माह से वेतन न मिलने के कारण कर्मियों को भारी आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस दौरान चौधरी जरनैल सिंह, कमल जीत साहनी, नीलम कुमारी, पवन जमवाल, धमेंद्र सिंह, वेद पाल सैनी आदि मौजूद रहे।
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