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जेडीए की जमीन पर अतिक्रमण से कई प्रोजेक्ट रुके

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जम्मू। जेडीए की जमीन पर अतिक्रमण के कारण कई बड़े प्रोजेक्टों पर काम शुरू ही नहीं हो पा रहा। कई प्रोजेक्टों के लिए बजट भी मंजूर हो चुका है, लेकिन अतिक्रमण नहीं हट पा रहा, लोग कोर्ट से सटे ले रहे हैं। इस कारण विभागीय कार्रवाई बीच में रुक गई है।
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सिद्दड़ा, मझीन में साठ कनाल जमीन पर अतिक्रमण हुआ है। यहां पर दो बार अतिक्रमण हटाने के लिए कार्रवाई भी हुई, लेकिन दोनों ही बार विरोध के कारण कार्रवाई बीच में रुक गई। विभागीय सूत्रों के अनुसार जम्मू शहर में जेडीए के पास कुल 82 हजार कनाल जमीन है। इसमें से 52 हजार कनाल में अतिक्रमण हुआ है। यह जमीन करोड़ों रुपये की है। लोगों ने जबरन कब्जा करते हुए जमीन हथिया ली है।
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सबसे ज्यादा परेशानी हाउसिंग कॉलोनी के निर्माण में हो रही है। वीरपुर, रूपनगर, कोट भलवाल समेत कई अन्य जगहों में कॉलोनी का निर्माण होना है। इसके लिए बजट भी है। साथ ही प्लॉट और फ्लैट के लिए आवेदकों ने पैसे भी जमा करवा दिए हैं। अब अतिक्रमण और कोर्ट का सटे होने के कारण कॉलोनी के निर्माण पर चार से छह प्रतिशत तक ही काम हो पाया है। इसी तरह अन्य प्रोजेक्टों का काम भी रुका पड़ा है।
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इन प्रोजेक्टों पर काम रुका
. कामर्शियल कांप्लेक्स मुट्ठी
. जम्मू हैबिटेट सेंटर
. आईटी कम कामर्शियल प्लाजा बीरपुर
. हाउसिंग कॉलोनी रूपनगर और कोट भलवाल
. हाउसिंग कॉलोनी गोल गुजराल
. सिद्दड़ा में शेड का निर्माण
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जेडीए की जमीन पर अतिक्रमण के कारण कई प्रोजेक्टों पर काम रुका पड़ा है। कोर्ट से सटे हटते ही काम शुरू करवा दिया जाएगा। इसके लिए बजट स्वीकृत है। कार्रवाई की जा रही है।
- पवन गुप्ता, एक्सईएन, जेडीए
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