{"_id":"65c349bd4e1b17a7850e7a71","slug":"jammu-mp-jugal-kishore-accuses-nc-congress-and-pdp-of-discriminating-against-pahari-speaking-people-2024-02-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू: सांसद जुगल किशोर ने एनसी, कांग्रेस और पीडीपी पर लगाए पहाड़ी भाषी लोगों से भेदभाव के आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू: सांसद जुगल किशोर ने एनसी, कांग्रेस और पीडीपी पर लगाए पहाड़ी भाषी लोगों से भेदभाव के आरोप
Wed, 07 Feb 2024 02:43 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Wed, 07 Feb 2024 02:43 PM IST
सार
भाजपा सांसद ने कहा कि तीन राजनीतिक दल वास्तविक वंशवादी हैं, जिन्होंने हमेशा लोगों की भावनाओं को मारने की कोशिश की है। हमेशा साजिश रची और अपनी राजशाही और अन्याय नीति से जम्मू-कश्मीर के लोगों को धोखा दिया
विज्ञापन
BJP MP from Jammu Poonch Jugal Kishore Sharma has tested positive for COVID 19
- फोटो : @mpjugalkishore
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भाजपा के लोकसभा सांसद जुगल किशोर शर्मा ने मंगलवार को संसद में अपने संबोधन के दौरान जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी भाषी लोगों का शोषण करने के लिए एनसी, कांग्रेस और पीडीपी को दोषी ठहराया।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि ये तीन राजनीतिक दल वास्तविक वंशवादी हैं, जिन्होंने हमेशा लोगों की भावनाओं को मारने की कोशिश की है। हमेशा साजिश रची और अपनी राजशाही और अन्याय नीति से जम्मू-कश्मीर के लोगों को धोखा दिया। केवल अपने परिवारों को फलने-फूलने के लिए काम किया।
विज्ञापन
केवल मोदी सरकार है, जिसने पहाड़ी भाषी लोगों के पक्ष में साहसिक कदम उठाया है। उन्हें एसटी का दर्जा देने का फैसला किया। यह उनका वास्तविक अधिकार था जो पहले दिया जाना चाहिए था लेकिन उन्हें वंचित रखा गया। तीनों परिवारों पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने 70 साल से हमेशा लोगों को अपने वोट बैंक के लिए इस्तेमाल किया और कभी भी उनके पक्ष में कोई कदम नहीं उठाया। अनुच्छेद 370 को निरस्त करना जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए प्रमुख कदम था।
विज्ञापन
मोदी सरकार में 50 वर्षों से संघर्ष कर रहे गुज्जर बक्करवालों और गद्दी सिप्पी लोगों को राजनीतिक आरक्षण और मालिकाना हक प्रदान किया गया। आज दो महत्वपूर्ण विधेयक, स्थानीय निकाय चुनावों में ओबीसी और उनकी महिलाओं को राजनीतिक आरक्षण और पहाड़ी भाषी लोगों को एसटी का दर्जा, संसद में पारित किए गए हैं जो लोगों के वास्तविक अधिकार थे।