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दूसरों को दुख देने से स्वयं भी होंगे दुखी : शास्त्री
Sat, 25 Jan 2025 02:50 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Sat, 25 Jan 2025 02:50 AM IST
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कानाचक गांव में ज्योषणा भजन मंडली की ओर से हुआ सत्संग
संवाद न्यूज एजेंसी
मिश्रीवाला। दूसरों को दुख देने से स्वयं भी दुखी होंगे। संसार सभी का है, जिस कारण कारण सभी को जीने का अधिकार है। अगर सभी को अपने-अपने अधिकार से जीने देंगे तो सृष्टि पर हर व्यक्ति सुख चैन से रह सकेगा। यह ज्ञान साहिल शास्त्री ने कानाचक गांव में ज्योषणा भजन मंडली की ओर से शुक्रवार को हुए सत्संग में संगत को दिया।
इस मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। शास्त्री महाराज ने कहा कि अपने अधिकार का दुरुपयोग करने से दूसरों को दुख मिलता है। आज नैतिक मूल्य कम हो चुके हैं। वास्तव में हर मनुष्य को सदगुणों को जीवन में शामिल करना चाहिए।
इनमें ईमानदारी, सत्यता, नम्रता, सहनशीलता, सहयोग, अनुशासन, सम्मान, सद व्यवहार, मधुरता शामिल हैं। इस दौरान माता की भेंटों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मिश्रीवाला। दूसरों को दुख देने से स्वयं भी दुखी होंगे। संसार सभी का है, जिस कारण कारण सभी को जीने का अधिकार है। अगर सभी को अपने-अपने अधिकार से जीने देंगे तो सृष्टि पर हर व्यक्ति सुख चैन से रह सकेगा। यह ज्ञान साहिल शास्त्री ने कानाचक गांव में ज्योषणा भजन मंडली की ओर से शुक्रवार को हुए सत्संग में संगत को दिया।
इस मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। शास्त्री महाराज ने कहा कि अपने अधिकार का दुरुपयोग करने से दूसरों को दुख मिलता है। आज नैतिक मूल्य कम हो चुके हैं। वास्तव में हर मनुष्य को सदगुणों को जीवन में शामिल करना चाहिए।
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इनमें ईमानदारी, सत्यता, नम्रता, सहनशीलता, सहयोग, अनुशासन, सम्मान, सद व्यवहार, मधुरता शामिल हैं। इस दौरान माता की भेंटों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए।