{"_id":"67ccb7c105229dccd00a3a76","slug":"jammu-meeting-employee-demand-jammu-news-c-10-lko1027-562307-2025-03-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: रुके वेतन की जल्द की जाए अदायगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: रुके वेतन की जल्द की जाए अदायगी
विज्ञापन
जम्मू-कश्मीर इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स कर्मियों ने किया मंथन, उठाई मांग
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू और कश्मीर इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स एसोसिएशन (जेकेईईजीए) की बैठक हुई। इस मौके पर ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस डिवीजन एक और दो के लगभग 200 कर्मचारियों के रुके वेतन सहित अन्य लाभों की अदायगी की मांग की गई।
सचिव सचिन टिक्कू ने कहा कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से लेकर ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस डिवीजन एक और दो कार्यकारी अभियंता तक कर्मचारियों के सामान्य भविष्य निधि योगदान, कर कटौती और छुट्टी वेतन राशि को रोका गया है। ऐसा इसलिए है कि एक मामले में मुख्य अभियंता के खाते को फ्रीज किया गया है। इस कारण अब लाभों की अदायगी नहीं हो रही है।
इस पर एसोसिएशन अफसोस जाहिर करती है। उपरोक्त कानूनी मुकदमे में समय-समय पर सरकार द्वारा नामित स्थायी वकील सरकार के हितों की रक्षा करने में विफल रहे हैं। उपरोक्त फैसले के दो महीने बाद भी न्यायालय में अपील पर चर्चा नहीं की गई है। कानून विभाग द्वारा नियुक्त वरिष्ठ अधिवक्ता ने सुनवाई की निर्धारित तिथि को न्यायालय से अनुपस्थित रहे हैं।
विज्ञापन
इस कारण कर्मचारियों के हितों के बारे में आवाज नहीं उठाई जा सकती है। जेकेईईजीए प्रमुख सचिव पीडीडी और कानून सचिव से अपील करता है कि वे तुरंत उचित उपाय करें।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू और कश्मीर इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स एसोसिएशन (जेकेईईजीए) की बैठक हुई। इस मौके पर ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस डिवीजन एक और दो के लगभग 200 कर्मचारियों के रुके वेतन सहित अन्य लाभों की अदायगी की मांग की गई।
सचिव सचिन टिक्कू ने कहा कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से लेकर ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस डिवीजन एक और दो कार्यकारी अभियंता तक कर्मचारियों के सामान्य भविष्य निधि योगदान, कर कटौती और छुट्टी वेतन राशि को रोका गया है। ऐसा इसलिए है कि एक मामले में मुख्य अभियंता के खाते को फ्रीज किया गया है। इस कारण अब लाभों की अदायगी नहीं हो रही है।
विज्ञापन
इस पर एसोसिएशन अफसोस जाहिर करती है। उपरोक्त कानूनी मुकदमे में समय-समय पर सरकार द्वारा नामित स्थायी वकील सरकार के हितों की रक्षा करने में विफल रहे हैं। उपरोक्त फैसले के दो महीने बाद भी न्यायालय में अपील पर चर्चा नहीं की गई है। कानून विभाग द्वारा नियुक्त वरिष्ठ अधिवक्ता ने सुनवाई की निर्धारित तिथि को न्यायालय से अनुपस्थित रहे हैं।
विज्ञापन
इस कारण कर्मचारियों के हितों के बारे में आवाज नहीं उठाई जा सकती है। जेकेईईजीए प्रमुख सचिव पीडीडी और कानून सचिव से अपील करता है कि वे तुरंत उचित उपाय करें।