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Jammu News: लद्दाख में दिखी वायु सेना की ताकत
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91वीं वर्षगांठ पर लेह स्टेशन पर हुआ एयर शो
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। चीन की सीमा से लगे पूर्वी लद्दाख में भारतीय वायु सेना (आईएएफ) की ताकत कई गुना बढ़ गई है। सेना दुश्मन पर नजर रखने के लिए लंबी दूरी की निगरानी राडार प्रणाली प्राप्त करने की प्रक्रिया में है।
लेह स्थित वायु सेना स्टेशन के एयर ऑफिसर कमांडिंग एयर कमोडोर डीएस हांडा ने भारतीय वायु सेना की 91वीं वर्षगांठ पर बेस पर हुए एक एयर शो के मौके पर प्रेसवार्ता में ये बातें कहीं। लद्दाख के उप राज्यपाल ब्रिगेडियर बीडी मिश्रा (सेवानिवृत्त) एयर शो में मुख्य अतिथि थे। इस दौरान राफेल, चीतल हेलिकॉप्टर, स्वदेशी आकाश मिसाइल प्रणाली और मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल का प्रदर्शन किया गया।
हांडा ने कहा कि एयर शो के पीछे मुख्य उद्देश्य छात्रों को भारतीय वायु सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करना था और साथ ही लद्दाख के लोगों को आश्वस्त करना था कि भारतीय वायु सेना क्षेत्र और देश की सुरक्षा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों की तुलना में पूर्वी लद्दाख में वायु सेना की भूमिका बढ़ी है। हमने जरूरत के अनुसार राडार लगाए हैं। भारतीय वायु सेना दुश्मन पर नजर रखने के लिए लंबी दूरी की निगरानी के लिए राडार प्रणाली हासिल करने के प्रयास में है। वायु सेना लद्दाख की जीवन रेखा है, क्योंकि यह आगे के क्षेत्रों में तैनात सैनिकों को राशन, गोला-बारूद और अन्य आपूर्ति सुनिश्चित करती है। शो ने न केवल युवा पीढ़ी को वायु सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित किया बल्कि देश के एयरोस्पेस में प्रगति को भी प्रदर्शित किया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की शुरुआत छात्रों और आम जनता द्वारा प्रदर्शित विमान और मिसाइल प्रणालियों को देखने के साथ हुई। उन्हें प्रत्येक प्रणाली की ताकत और क्षमताओं के बारे में भी जानकारी दी गई।
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उप राज्यपाल बोले-स्थानीय युवाओं को घर
द्वार पर मिला वायु सेना को जानने का मौका
पहले एयर शो पर खुशी व्यक्त करते हुए उप राज्यपाल ने कहा कि एयर शो से स्थानीय युवाओं को अपने घर द्वार पर भारतीय वायु सेना की ताकत को जानने का मौका मिला है। हमारी वायु सेना इस हवाई क्षेत्र और शहर की रक्षा करने में सक्षम है। हमें अपने देश पर भी गर्व होना चाहिए, जो पांचवीं पीढ़ी के विमान बना रहा है। केवल कुछ देशों के पास पांचवीं पीढ़ी के जेट हैं, जो अभी भी शामिल नहीं किए गए हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। चीन की सीमा से लगे पूर्वी लद्दाख में भारतीय वायु सेना (आईएएफ) की ताकत कई गुना बढ़ गई है। सेना दुश्मन पर नजर रखने के लिए लंबी दूरी की निगरानी राडार प्रणाली प्राप्त करने की प्रक्रिया में है।
लेह स्थित वायु सेना स्टेशन के एयर ऑफिसर कमांडिंग एयर कमोडोर डीएस हांडा ने भारतीय वायु सेना की 91वीं वर्षगांठ पर बेस पर हुए एक एयर शो के मौके पर प्रेसवार्ता में ये बातें कहीं। लद्दाख के उप राज्यपाल ब्रिगेडियर बीडी मिश्रा (सेवानिवृत्त) एयर शो में मुख्य अतिथि थे। इस दौरान राफेल, चीतल हेलिकॉप्टर, स्वदेशी आकाश मिसाइल प्रणाली और मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल का प्रदर्शन किया गया।
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हांडा ने कहा कि एयर शो के पीछे मुख्य उद्देश्य छात्रों को भारतीय वायु सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करना था और साथ ही लद्दाख के लोगों को आश्वस्त करना था कि भारतीय वायु सेना क्षेत्र और देश की सुरक्षा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों की तुलना में पूर्वी लद्दाख में वायु सेना की भूमिका बढ़ी है। हमने जरूरत के अनुसार राडार लगाए हैं। भारतीय वायु सेना दुश्मन पर नजर रखने के लिए लंबी दूरी की निगरानी के लिए राडार प्रणाली हासिल करने के प्रयास में है। वायु सेना लद्दाख की जीवन रेखा है, क्योंकि यह आगे के क्षेत्रों में तैनात सैनिकों को राशन, गोला-बारूद और अन्य आपूर्ति सुनिश्चित करती है। शो ने न केवल युवा पीढ़ी को वायु सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित किया बल्कि देश के एयरोस्पेस में प्रगति को भी प्रदर्शित किया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की शुरुआत छात्रों और आम जनता द्वारा प्रदर्शित विमान और मिसाइल प्रणालियों को देखने के साथ हुई। उन्हें प्रत्येक प्रणाली की ताकत और क्षमताओं के बारे में भी जानकारी दी गई।
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उप राज्यपाल बोले-स्थानीय युवाओं को घर
द्वार पर मिला वायु सेना को जानने का मौका
पहले एयर शो पर खुशी व्यक्त करते हुए उप राज्यपाल ने कहा कि एयर शो से स्थानीय युवाओं को अपने घर द्वार पर भारतीय वायु सेना की ताकत को जानने का मौका मिला है। हमारी वायु सेना इस हवाई क्षेत्र और शहर की रक्षा करने में सक्षम है। हमें अपने देश पर भी गर्व होना चाहिए, जो पांचवीं पीढ़ी के विमान बना रहा है। केवल कुछ देशों के पास पांचवीं पीढ़ी के जेट हैं, जो अभी भी शामिल नहीं किए गए हैं।