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Jammu News: तीन माह बाद खुले मचैल माता मंदिर के कपाट, उमड़े श्रद्धालु
Mon, 14 Apr 2025 02:54 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Mon, 14 Apr 2025 02:54 AM IST
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3 माह के बाद आज से मां चंडी मचल वाली के दरबार के कपाट खुले मंडल आयुक्त और नेता प्रतिपक्ष ने भी
संवाद न्यूज एजेंसी
किश्तवाड़। जिले के उपमंडल पाडर में प्रसिद्ध मचैल माता मंदिर के कपाट लगभग तीन माह के बाद रविवार को खुले। सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए। इस दौरान जम्मू-कश्मीर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुनील कुमार शर्मा और मंडल आयुक्त जम्मू रमेश कुमार ने भी माथा टेका।
बता दें कि मकर संक्रांति के दिन मंदिर के मुख्य द्वार के कपाट बंद हुए थे और वहां से मां काली की मूर्ति को गांव के ही एक मंदिर में जो पहलवान के घर के ऊपर छत पर बना है, वहां विराजमान किया गया था। रविवार को बैसाखी पर्व को ढोल नगाड़ों के साथ मेले के रूप में मनाते हुए मां काली की मूर्ति को वहां से दोबारा उठाकर मुख्य मंदिर में स्थापित किया गया। जिला उपायुक्त राजेश कुमार शवन भी यहां पहुंचे हुए थे।
मंडल आयुक्त और उपायुक्त ने मचैल माता की यात्रा के बारे में भी स्थानीय लोगों से बातचीत की। उन्होंने व्यवस्था को देखने के बाद जो भी कमियां मिलीं, उन्हें दूर करने के संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। इसके अलावा सिसोटी में बनाए जाने वाले पुल का निर्माण भी शीघ्र पूरा करने को कहा ताकि 25 जुलाई को यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व ही पुल तैयार हो जाए।
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किश्तवाड़। जिले के उपमंडल पाडर में प्रसिद्ध मचैल माता मंदिर के कपाट लगभग तीन माह के बाद रविवार को खुले। सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए। इस दौरान जम्मू-कश्मीर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुनील कुमार शर्मा और मंडल आयुक्त जम्मू रमेश कुमार ने भी माथा टेका।
बता दें कि मकर संक्रांति के दिन मंदिर के मुख्य द्वार के कपाट बंद हुए थे और वहां से मां काली की मूर्ति को गांव के ही एक मंदिर में जो पहलवान के घर के ऊपर छत पर बना है, वहां विराजमान किया गया था। रविवार को बैसाखी पर्व को ढोल नगाड़ों के साथ मेले के रूप में मनाते हुए मां काली की मूर्ति को वहां से दोबारा उठाकर मुख्य मंदिर में स्थापित किया गया। जिला उपायुक्त राजेश कुमार शवन भी यहां पहुंचे हुए थे।
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मंडल आयुक्त और उपायुक्त ने मचैल माता की यात्रा के बारे में भी स्थानीय लोगों से बातचीत की। उन्होंने व्यवस्था को देखने के बाद जो भी कमियां मिलीं, उन्हें दूर करने के संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। इसके अलावा सिसोटी में बनाए जाने वाले पुल का निर्माण भी शीघ्र पूरा करने को कहा ताकि 25 जुलाई को यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व ही पुल तैयार हो जाए।
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