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Accession Day 2023: आज ही के दिन भारत का अभिन्न अंग बना जम्मू कश्मीर, जानें 26 अक्तूबर 1947 की कहानी

Thu, 26 Oct 2023 12:11 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Thu, 26 Oct 2023 12:11 PM IST
सार

भारत में जम्मू कश्मीर का विलय होते ही भारतीय सेना ने घाटी के सीमांत क्षेत्रों में पहुंचकर बिगड़ी स्थिति पर काबू पाया था। तब से जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग बना है। 

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jammu kashmirs accession day 2023: full news story of jammu kashmir merge with india
Srinagar Dal Lake (File) - फोटो : बासित जरगर

विस्तार

जम्मू कश्मीर का भारत में विलय 26 अक्तूबर 1947 को हुआ था। हर साल प्रदेश में  आज के दिन को विलय दिवस के रूप में मनाया जाता है। राजनेताओं और इतिहासकारों के अनुसार विलय दिवस के बाद जम्मू-कश्मीर के लोगों को भारतीय नागरिक होने का गौरव हासिल हुआ है।

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इतिहासकारों के अनुसार 24 अक्तूबर, 1947 को कबाइलियों ने रियासत पर ताबड़तोड़ हमले किए थे। यह सूचना मिलते ही ब्रिगेडियर राजेंद्र सिंह अपनी सेना की टुकड़ी के साथ कश्मीर की उड़ी सीमा पर पहुंचे। बिग्रेडियर राजिंदर सिंह, जम्मू कश्मीर के महाराजा हरि सिंह की फौज के ब्रिगेडियर थे।
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कबाइली गिलगित और बाल्टिस्तान सहित कई इलाकों पर कब्जा कर चुके थे। मुठभेड़ के दौरान कबाइलियों को सेना ने खदेड़ा, लेकिन मुजफराबाद क्षेत्र को पूरी तरह से कबाइली घेर चुके थे। वर्तमान में इस क्षेत्र को पाकिस्तान अनाधिकृत क्षेत्र कहा जाता है। मुठभेड़ के दौरान सेना के कई जवान शहीद हुए थे, लेकिन ब्रिगेडियर राजेंद्र सिंह ने हार नहीं मानी और गोली लगने के बाद भी भूखे-प्यासे दुश्मनों का सामना करते रहे। तीसरे दिन वह वीरगति को प्राप्त हुए। 

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जम्मू-कश्मीर रियासत को कबाइलियों से बचाने के लिए महारजा हरि सिंह ने भारत सरकार से मदद मांगी। तब की सरकार ने महाराजा के साथ विलय करने की शर्त रखी। 26 अक्तूबर 1947 को महाराजा हरि सिंह ने भारत के साथ रियासत के विलय के समझौते पर हस्ताक्षर किए। विलय होते ही भारतीय सेना ने घाटी के सीमांत क्षेत्रों में पहुंचकर बिगड़ी स्थिति पर काबू पाया था। तब से जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग बना है।

डोगरा इतिहास को स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग की जा रही है। दशकों पहले दबाए गए डोगरा इतिहास के साथ युवाओं को अवगत करवाने पर सरकार खास ध्यान दे रही है, ताकि डोगरा शासन में जम्मू-कश्मीर की राजनीतिक, आर्थिक, समाजिक और सांस्कृतिक स्थिति की डोगरा समाज की जानकारी युवाओं में मिल सके। 

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