Jammu Kashmir Weather : घाटी में आज बदलेगा मौसम, प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और बर्फबारी का अंदेशा
मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार चार और पांच जनवरी को प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश और बर्फबारी हो सकती है। इसके बाद आठ जनवरी को भी मौसम का मिजाज बदला रहेगा।
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उत्तर भारत में घने कोहरे से जनजीवन प्रभावित है। नए साल की शुरुआत के साथ कड़ाके की ठंड के बीच शीतलहर से पूरे जम्मू-कश्मीर में ठिठुरन बढ़ी है। कश्मीर के अधिकांश जिलों में न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री से नीचे चल रहा है। विश्व विख्यात डल झील सहित अन्य जलस्रोतों में पानी जम गया है। जम्मू-कश्मीर में रेल और हवाई सेवा पर कोहरे की लगातार मार पड़ रही है। मंगलवार को जम्मू आने वाली तीन उड़ानें और 10 ट्रेनें देरी से पहुंची, जबकि जम्मू से एक ट्रेन देरी से रवाना हुई।
इससे पहले जम्मू में मंगलवार सीजन का सबसे ठंडा दिन बीता। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार चार और पांच जनवरी को प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश और बर्फबारी हो सकती है। इसके बाद आठ जनवरी को भी मौसम का मिजाज बदला रहेगा।
नए साल की शुरुआत के साथ जम्मू में लगातार कोहरा छा रहा है। यहां मंगलवार को दिनभर कोहरे के साथ हल्के बादल छाए रहे। जम्मू में अधिकतम तापमान सामान्य से 7.2 डिग्री गिरकर 10.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सर्द दिन था और यह लगभग श्रीनगर जैसा था। जम्मू में न्यूनतम तापमान 7.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
एक से 12 घंटे देरी से पहुंची ट्रेनें
जम्मू एयरपोर्ट पर मंगलवार को एक अहमदाबाद और दो श्रीनगर से आने वाली उड़ानें लेट हुईं। इसी तरह जम्मू रेलवे स्टेशन पर देरी से आने वाली ट्रेनों में श्री शक्ति, जम्मू मेल और हेमकुंड एक घंटा, अंडमान, झेलम, शालीमार चार घंटे, पूजा एक्सप्रेस 12 घंटे, मुरी 5 घंटे, मालवा 6 घंटे और इंदौर 5 घंटे देरी से पहुंची। जबकि पूजा एक्सप्रेस निर्धारित से छह घंटे और 45 मिनट देरी से रवाना हुई।
शुष्क सर्दी सेहत पर भारी, त्वचा में एलर्जी बढ़ी, हार्ट अटैक का भी खतरा
नए साल की शुरुआत के साथ मौसम के बदले मिजाज ने सेहत को भी प्रभावित किया है। जम्मू में दिन का पारा 10 डिग्री तक पहुंच गया है। पिछले लंबे समय से बारिश न होने के कारण शुष्क सर्दी में बढ़ोतरी हुई है। इससे वायरल इंफेक्शन और त्वचा संबंधी शारीरिक समस्याएं बढ़ रही हैं। इससे बच्चों सहित बड़े पीड़ित हो रहे हैं। डाक्टरों के अनुसार इस मौसम पर पहले से बीमार लोगों को खास एहतियात बरतने की जरूरत है।
शुष्क मौसम खींचने से इंफ्लुएंजा संबंधी वायरल इंफेक्शन का प्रभाव बढ़ा है। एसएमजीएस अस्पताल के बाल रोग विभाग के एचओडी डाॅ. जीएस सैनी ने बताया कि दिसंबर में अधिक सर्दी नहीं पड़ी थी, लेकिन जनवरी के शुरू में तापमान में अधिक गिरावट आई है। अस्पताल में रोजाना 20 से 25 बाल रोगियों को भर्ती करना पड़ रहा है। इनमें अधिकांश इंफ्लुएंजा वायरल इंफेक्शन से पीड़ित हैं। इस मौसम में शारीरिक क्षमता कम होने के कारण एक साल से कम आयु वाले बच्चे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। उन्हें खांसी, जुकाम, छाती में इंफेक्शन, बुखार, सांस लेने में तकलीफ आदि की शिकायत हो रही है।
सीडी अस्पताल के एचओडी डॉ. राहुल गुप्ता ने कहा कि मौजूदा मौसम में अधिकांश लोग रेसप्रेटरी संक्रमण से पीड़ित हो रहे हैं। इसके साथ शुष्क मौसम से बच्चे और बुजुर्गों को त्वचा संबंधी एलर्जी की समस्याएं अधिक हो रही हैं। इसमें ड्राईनेस से जुड़ी समस्याएं ज्यादा हो रही हैं। पारा गिरने के साथ हार्ट अटैक के मामलों में वृद्धि हुई है। सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के कार्डियोलाजी विभाग के एचओडी डॉ. सुशील शर्मा का कहना है कि मौजूदा समय में खानपान पर ध्यान देने की जरूरत है। इसमें केलोस्ट्रोल युक्त खानपान से परहेज करना चाहिए। दिनचर्या में व्यायाम और शारीरिक गतिविधियों को जरूर शामिल करें।