Jammu Kashmir: सुरक्षाबलों और उनके ड्यूटी स्थल की कर रहे थे रेकी, बांदीपोरा से लश्कर के दो मददगार गिरफ्तार
पकड़े गए मददगारों की पहचान सदरकूट निवासी इश्फाक मजीद डार व रामपोरा निवासी वसीम अहमद मलिक के रूप में हुई है। दोनों मददगार पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में बैठे आतंकी आकाओं के संपर्क में थे और उनके निर्देश पर यहां काम कर रहे थे।
विस्तार
सीमा पार पीओजेके में बैठे आकाओं के इशारे पर जिले के हाजिन इलाके में सुरक्षा बलों के नाके की रेकी करने तथा स्लीपर सेल मॉड्यूल बनाने में जुटे लश्कर-ए-ताइबा के दो मददगारों को गिरफ्तार किया गया है। दोनों पर जन सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत कार्रवाई की गई है।
पकड़े गए मददगारों की पहचान सदरकूट निवासी इश्फाक मजीद डार व रामपोरा निवासी वसीम अहमद मलिक के रूप में हुई है। दोनों मददगार पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में बैठे आतंकी आकाओं के संपर्क में थे और उनके निर्देश पर यहां काम कर रहे थे।
वे युवाओं को आतंकी बनाने की राह पर धकेलने व माहौल खराब करने की कोशिश में जुटे थे। पुलिस ने बताया कि पकड़े गए दो मददगारों में एक इशफाक मजीद डार पीओजेके में बैठे आतंकी के संपर्क में था।
उसके निर्देश पर बांदीपोरा में युवाओं को आतंकी संगठन लश्कर में भर्ती करने के लिए लामबंद कर रहा था। उसे आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए बांदीपोरा के हाजिन इलाके में पुलिस व सीआरपीएफ नाकों की पहचान का काम दिया गया था।
आतंकी हशीर पर्रे के संपर्क में था वसीम
वसीम अहमद मलिक भी पीओजेके में आतंकवादी हशीर पर्रे के संपर्क में था, जिसके मॉड्यूल का हाल ही में बांदीपोरा पुलिस ने भंडाफोड़ किया था। वह बांदीपोरा शहर में नए सहयोगी बना रहा था।
बांदीपोरा के युवाओं को आतंकी तंजीमों में भर्ती करने और जिले में स्लीपर सेल स्थापित करने के लिए आस-पास के क्षेत्रों में काम कर रहा था। आतंकी संलिप्तता को ध्यान में रखते हुए दोनों को पीएसए के तहत गिरफ्तार किया गया है।