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जम्मू-कश्मीर: अनुबंधित चिकित्सा कर्मियों के हटने के बाद परेशानी, एक अस्पताल में ओपीडी, दूसरे में कर रहे भर्ती

Sun, 30 Apr 2023 03:32 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: विमल शर्मा Updated Sun, 30 Apr 2023 03:32 PM IST
सार

रेशमघर स्थित राज्य कैंसर संस्थान (एससीआई) में करीब तीन माह में ओपीडी शुरू करने के बावजूद इंडोर वार्ड बंद है। इसे एक माह में शुरू करने का दावा किया था।

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Jammu Kashmir: Trouble after withdrawal of contractual medical personnel
राजकीय मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड के इंतजार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

डीआरडीओ (रक्षा अनुसंधान व विकास संगठन) के पैरा मेडिकल स्टाफ के जाने के बाद एसोसिएटेड अस्पतालों में स्टाफ की कमी का असर कामकाज व आगामी व्यवस्थाओं पर दिख रहा है। रेशमघर स्थित राज्य कैंसर संस्थान (एससीआई) में करीब तीन माह में ओपीडी शुरू करने के बावजूद इंडोर वार्ड बंद है। जबकि इसे एक माह में शुरू करने का दावा किया था।

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मौजूदा समय में पैरा मेडिकल विद्यार्थियों की सेवाएं लेकर डे केयर कीमोथैरेपी व अन्य व्यवस्थाओं को चलाया जा रहा है। इंडोर वार्ड शुरू नहीं होने के कारण मरीजों को पहले एससीआई में ओपीडी के लिए जाना पड़ रहा है, उसके बाद भर्ती होने के लिए जीएमसी आना पड़ रहा है।
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अभी मेडिकल, रेडिएशन, सर्जिकल, पेन पेलेटिव और प्रिवेंटिव अनकोलाजी की ओपीडी चल रही है। मगर किसी भी यूनिट के लिए इंडोर वार्ड शुरू नहीं हो पाया। जीएमसी से एससीआई अस्पताल तक सार्वजनिक वाहन का भी साधन नहीं है। इस कारण बढ़ती गर्मी के दौरान कैंसर मरीजों के लिए मुश्किलें और बढ़ेंगी।
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ओपीडी में पहुंचे पुंछ निवासी रोशनदीन ने बताया कि वह मरीज के साथ आए हैं और डॉक्टर ने भर्ती होने को कहा है। इस कारण जीएमसी जा रहे हैं। वहीं, जीएमसी के भी विशेष कैंसर वार्ड (पुराना सीसीयू यूनिट) में बिस्तरों का विस्तार नहीं किया जा सका। यहां 27 बिस्तर ही हैं।   

एमसीएच में 5वें दिन भी लेबर रूम, सर्जरी बंद 

पैरा मेडिकल स्टाफ की कमी के कारण एमसीएच (जच्चा बच्चा) गांधीनगर अस्पताल में पांचवें दिन भी सर्जरी और लेबर रूम बंद रहे। इससे पहले रोज 3-4 सिजेरियन हो रहे थे। निक्कू पिक्कू यूनिट में बाल रोगियों की सामान्य से आधी भर्ती हो रही है। पहले प्रतिदिन करीब 100 बच्चे रहते थे, जो मौजूदा 40 हैं। एसएमजीएस से कोई भी मरीज को एमसीएच में शिफ्ट नहीं किया जा रहा। 

नई नर्सों को तैनात किया जाएगा

जीएमसी की प्रिंसिपल डॉ. शशि सूदन ने कहा कि नई नर्सों को शीघ्र लगाने की तैयारी की जा रही है, जिन्हें एसोसिएटेड अस्पतालों में तैनात कर स्टाफ की कमी को पूरा किया जाएगा। मरीजों की सहूलियत के लिए जरूरी प्रबंध किए जा रहे हैं।

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