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Cyber Security: जम्मू-कश्मीर की अपनी पहली साइबर सुरक्षा नीति बनेगी, इसी सप्ताह होगी जारी
Tue, 22 Nov 2022 11:39 AM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Tue, 22 Nov 2022 11:39 AM IST
सार
कटड़ा के श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय (एसएमवीडीयू) में 26 व 27 नवंबर को आयोजित 25वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन में इस पहल को मंच दिया जाएगा।
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LG Manoj Sinha
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के दुष्प्रचार और रोजाना नए खतरे झेल रहा जम्मू-कश्मीर की पहली साइबर सुरक्षा नीति इसी सप्ताह सार्वजनिक होगी। इसके साथ ही आईआईटी जम्मू में साइबर सुरक्षा पर उत्कृष्टता केंद्र का शुभारंभ भी होगा। कटड़ा के श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय (एसएमवीडीयू) में 26 व 27 नवंबर को आयोजित 25वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन में इस पहल को मंच दिया जाएगा।
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सम्मेलन में डिजिटल जम्मू-कश्मीर पहल के तहत इंटर्नशिप कार्यक्रम को भी लांच किया जाएगा। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और एसएमवीडीयू व एनआईईएलआईटी के बीच ज्ञान के आदान प्रदान के लिए समझौता पत्र पर हस्ताक्षर होंगे। सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हरियाणा सरकार के साथ भी समझौता होगा। सम्मेलन में राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस रिपोर्ट भी जारी होगा।
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समारोह में ई-गवर्नेंस का राष्ट्रीय पुरस्कार भी पांच कैटगरी में दिया जाएगा। केंद्र, राज्य, जिला स्तर और शैक्षिक व शोध संस्थानों के साथ ही सार्वजनिक उपक्रमों की ओर से बेहतर प्रदर्शन करने वाले को पुरस्कृत किया जाएगा। इसमें नौ स्वर्ण व नौ रजत पुरस्कार दिए जाएंगे।
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हरियाणा के सीएम समेत एक हजार प्रतिनिधि होंगे शामिल
दो दिवसीय कार्यक्रम के समापन समारोह में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर समेत 28 राज्यों व आठ केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग एक हजार प्रतिनिधि शामिल होंगे। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह 26 नवंबर को सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे जबकि उप राज्यपाल मनोज सिन्हा कार्यक्रम का समापन करेंगे। केंद्र सरकार के अधिकारी वी श्रीनिवास, अल्केश कुमार शर्मा व प्रदेश के मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार शर्मा भी मौजूद रहेंगे। समारोह के दौरान ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों को प्रदर्शित करने के लिए एक प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। साथ ही पुरस्कार विजेताओं पर वॉल ऑफ फेम फ ोटो प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
इन विषयों पर होगी चर्चा
संपूर्ण सरकारी कार्य प्रणाली में डिजिटल गवर्नेंस, डिजिटल अर्थव्यवस्था आधारित स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र और रोजगार सृजन को मजबूत करना, राष्ट्रीय विकास को बढ़ावा देने और नागरिकों के अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए आधुनिक कानून, पारदर्शी और रीयल-टाइम शिकायत प्रबंधन प्रणाली, साइबर स्पेस में अगली पीढ़ी की सेवाओं एवं सुरक्षा के लिए 21वीं सदी का डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, अन्वेषण से जनसंख्या पैमाने के समाधान के लिए उभरती प्रौद्योगिकियों पर आगे बढ़ते रहना, डिजिटल डिवाइड को पाटने में ई-गवर्नेंस की भूमिका, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग को बढ़ाने के लिए डिजिटल गवर्नेंस, जम्मू और कश्मीर राज्य: जम्मू तथा कश्मीर में डिजिटल परिवर्तन व जम्मू-कश्मीर में ई-गवर्नेंस पहल।