जम्मू-कश्मीरः कुलगाम में तीन भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या करने वाले आतंकियों की हुई पहचानः डीजीपी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू कश्मीर के कुलगाम में तीन भाजपा कार्यकर्ताओं की बेरहमी से हत्या करने वाले आतंकवादियों की पहचान कर ली गई है। डीजीपी दिलबाग ने इस बात की जानकारी दी है कि ऑल्टो कार से आए तीनों आतंकियों की पहचान कर ली गई है।
Terrorists involved in the killing of three BJP workers in Kulgam on Oct 29 have been identified, further investigation is underway: Jammu and Kashmir DGP Dilbag Singh in Srinagar pic.twitter.com/0e3NiuO4cr
— ANI (@ANI) October 31, 2020विज्ञापन
पुलवामा कबूलनामे के एक दिन बाद ही फिर सामने आया पाकिस्तान का चेहरा-
भाजयुमो नेताओं की हत्या में लश्कर और टीआरएफ का हाथ
पुलवामा हमले के कबूलनामे के एक दिन बाद ही दक्षिणी कश्मीर के कुलगाम में भाजयुमो के जिला महासचिव समेत तीन कार्यकर्ताओं की हत्या में पाकिस्तान का हाथ सामने आया है। आईजी कश्मीर विजय कुमार ने बताया कि पाकिस्तान के इशारे पर लश्कर ए ताइबा और द रजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) के आतंकियों ने हमले को अंजाम दिया।
हमले में दो स्थानीय आतंकियों के साथ ही एक पाकिस्तानी आतंकी भी शामिल था। इनकी शिनाख्त कर ली गई है। साथ ही हमले में इस्तेमाल गाड़ी को भी बरामद कर लिया गया है। ज्ञात हो कि वीरवार को जिले के काजीगुंड इलाके के वाईके पोरा में कार्यकर्ताओं की कार पर आतंकियों ने अंधाधुंध गोलियां बरसाईं थी जिसमें तीन की मौत हो गई थी।
आईजी ने बताया कि जांच में अब तक जो सबूत हाथ लगे हैं उससे पता चलता है कि वीरवार की शाम लगभग आठ बजे आतंकी स्थानीय अल्ताफ की कार से घटनास्थल पर पहुंचे थे। उस दौरान भाजयुमो महासचिव फिदा हुसैन अपने दो अन्य साथियों के साथ गाड़ी में बैठे थे।
आतंकियों ने वहां पहुंचते ही अंधाधुंध गोलियां चलानी शुरू कर दीं। इसमें तीनों गंभीर रूप से जख्मी हो गए। अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि आतंकी जिस गाड़ी में आए थे उसी में अच्छाबल इलाके की ओर भाग निकले। इलाके के तिलवनी गांव से उस गाड़ी को बरामद कर लिया गया है। एफएसएल की टीम ने मौके पर पहुंचकर सबूत जुटाए हैं।
आईजीपी ने बताया कि इस घटना के पीछे लश्कर का हाथ है। घटना में डोरू का निसार अहमद खांडे व खुडवानी का अब्बास शेख शामिल था। अब्बास पहले हिजबुल में था, लेकिन आजकल लश्कर के साथ है। वह अपने आपको टीआरएफ का आतंकी भी बताता है। एक पाकिस्तानी आतंकी भी हमले में शामिल था। जल्द इन आतंकियों को मार गिराया जाएगा।
हमला पहले से प्लान था
उन्होंने बताया कि फि दा हुसैन घर से इतनी दूर आकर क्या कर रहे थे यह जांच किया जा रहा है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वह किसी का इंतजार कर रहे थे या कोई और वजह थी। हमला पहले से ही प्लान किया गया था।
आठ स्थानों पर सर्च ऑपरेशन
आईजी के अनुसार हमले के बाद से दक्षिणी कश्मीर में करीब 8 जगहों पर सर्च ऑपरेशन जारी है। उम्मीद है कि बहुत जल्द इस ग्रुप के आतंकियों को आर गिराया जाएगा। बता दें कि वीरवार देर शाम आतंकियों ने काजीगुंड के वाईके पोरा में भाजपा के युवा मोर्चा के महासचिव फि दा हुसैन इतू और उनके दो अन्य साथी पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया था।