{"_id":"631b0ce71756f23acb34b8db","slug":"jammu-kashmir-students-after-tamil-nadu-are-the-weakest-in-mathematics-ncert-reports","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षा: गणित में तमिलनाडु के बाद जम्मू कश्मीर के छात्र सबसे कमजोर, NCERT ने जारी की रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षा: गणित में तमिलनाडु के बाद जम्मू कश्मीर के छात्र सबसे कमजोर, NCERT ने जारी की रिपोर्ट
Fri, 09 Sep 2022 03:22 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Fri, 09 Sep 2022 03:22 PM IST
सार
देश में तमिलनाडु के बाद जम्मू-कश्मीर के छात्र आसान जोड़, घटाना व भाग देने जैसे बुनियादी गणना कौशल में सबसे कमजोर हैं। एनसीईआरटी की एक रिपोर्ट में असम के छात्र तीसरे तो गुजरात के छात्र चौथे स्थान पर हैं।
विज्ञापन
Maths
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के अध्ययन के अनुसार, देश में तमिलनाडु के बाद जम्मू-कश्मीर के छात्र आसान जोड़, घटाना व भाग देने जैसे बुनियादी गणना कौशल में सबसे कमजोर हैं। रिपोर्ट में असम के छात्र तीसरे तो गुजरात के छात्र चौथे स्थान पर हैं। अध्ययन के अनुसार, कक्षा तीन के कम से कम 37 प्रतिशत छात्र इस श्रेणी में आते हैं। उनके पास सीमित ज्ञान और कौशल है और वे बुनियादी ग्रेड स्तर के कार्यों को आंशिक रूप से कर पाते हैं।
विज्ञापन
वहीं, दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों के बच्चों ने बेहतर ज्ञान और कौशल को विकसित किया है। वे जटिल ग्रेड स्तर के कार्यों को पूरा कर सकते हैं। एनसीईआरटी की ओर से आयोजित ‘ओरल रीडिंग फ्लुएंसी विद रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन एंड न्यूमेरिकेसी 2022’ के लिए तय मानदंड पर राष्ट्रीय रिपोर्ट में खुलासा हुआ है।
विज्ञापन
छह भाषाओं में बच्चों का उच्च प्रदर्शन
अध्ययन के अनुसार, तमिल में पढ़ने वाले 42 प्रतिशत बच्चों में बुनियादी पठन कौशल की कमी होती है। वहीं खासी, बंगाली, मिजो, पंजाबी, हिंदी और अंग्रेजी पढ़ने वाले बच्चों ने मौखिक दक्षता पठन में उच्चतम प्रदर्शन किया।
विज्ञापन
सिर्फ 10 प्रतिशत बेहतर कौशल विकसित
अध्ययन में यह देखा गया कि 11 प्रतिशत बच्चे बुनियादी ग्रेड-स्तरीय कार्यों को भी पूरा नहीं कर सके। वहीं 37 प्रतिशत आंशिक रूप से बुनियादी ग्रेड स्तर के कार्यों को, जबकि 42 प्रतिशत ने सौंपे गए कार्य को सफलतापूर्वक पूरा किया। अध्ययन के अनुसार, सिर्फ 10 प्रतिशत ने बेहतर कौशल विकसित किया था।