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Lohia Murder Case: एसआईटी का डीजी जेल की हत्या में आतंकी एंगल से इंकार, जांच में ये कारण आया सामने
Mon, 16 Jan 2023 12:32 AM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Mon, 16 Jan 2023 12:32 AM IST
सार
क्राइम ब्रांच की एसआईटी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि आरोपी यासिर अहमद का गुजरात के गांधी नगर एफएसएल से नार्को विश्लेषण भी कराया गया। इससे यह पता चला कि उसे लोहिया के घर पर काम करने के बदले नौकरी का आश्वासन मिला था। नौकरी नहीं मिलने से आहत होकर उसने हत्या कर दी।
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DG Jail Murder: HK Lohia
- फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
आईपीएस अधिकारी डीजी जेल हेमंत लोहिया की हत्या से आतंकवाद का कोई लेना देना नहीं। उनकी हत्या का कारण आरोपी को नौकरी न मिलना था। इससे वह आहत था। इस मामले की जांच करने वाली क्राइम ब्रांच की एसआईटी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि आरोपी यासिर अहमद का गुजरात के गांधी नगर एफएसएल से नार्को विश्लेषण भी कराया गया। इससे यह पता चला कि उसे लोहिया के घर पर काम करने के बदले नौकरी का आश्वासन मिला था। नौकरी नहीं मिलने से आहत होकर उसने हत्या कर दी।
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बता दें कि लोहिया की हत्या करने के बाद आतंकी संगठन पीपल्स एंटी-फासिस्ट फ्रंट (पीएफएफ) ने जिम्मेदारी ली थी कि यासिर हमारा आदमी है और उसने हमारे कहने पर हत्या की है। तब डीजीपी दिलबाग सिंह ने संगठन के इस बयान को शर्मनाक बताते हुए साफ कहा था कि आतंकवाद से इस मामले का कोई लेना-देना नहीं है।
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एसआईटी अधिकारी ने बताया कि विस्तृत पूछताछ के दौरान पुलिस को यासिर और किसी आतंकी समूह के बीच कोई संबंध नहीं मिला। यासिर ने रामबन स्थित अपना घर छोड़ने के बाद दो साल तक कई जगहों पर काम किया था। बता दें कि क्राइम ब्रांच की चार्जशीट में यह भी कहा गया है कि आरोपी ने गुजरात में किए गए नार्को विश्लेषण के दौरान बताया कि उसे अधिकारियों के खिलाफ शिकायत थी कि उसके साथ विश्वासघात हुआ है। वह कई अधिकारियों के घरों पर काम करता था। यहां तक कि वह लोहिया को एक अच्छा इंसान मानता था।
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गला रेत कर दी थी हत्या
बता दें कि यासिर पर 302 (हत्या), 201 (सबूतों को नष्ट करना) और आर्म्स एक्ट के 4/25 (शरीर को जलाने और सुबूत नष्ट करने के लिए पेट्रोल का उपयोग करना) के तहत केस दर्ज है। वर्ष 2022 फरवरी में यासिर लोहिया के घर काम कर रहा था। करीब 4 महीने पहले उसने लोहिया की पहले चाकू से हत्या की। फिर पेट्रोल छिड़क कर शव जलाने की कोशिश की। बाद में छत से फंदा लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश भी की। हालांकि, बेल्ट उसके शरीर के वजन को सहन नहीं कर सकी। बता दें लोहिया की हत्या 3 अक्तूबर को जम्मू के बाहरी इलाके में उनके आवास पर हुई थी।