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जम्मू कश्मीर: NHM के 34 मृत कर्मियों के परिवारों को दस-दस लाख रुपये की अनुग्रह राशि की गई प्रदान
Wed, 18 Jan 2023 07:41 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Wed, 18 Jan 2023 07:41 PM IST
सार
उपराज्यपाल ने कहा कि प्रदेश के 80 लाख नागरिकों को सेहत गोल्डन कार्ड प्रदान किए गए हैं और देश भर में 28000 अस्पतालों में उन्हें उपचार की सुविधा प्रदान की जा रही है।
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LG Manoj Sinha
- फोटो : संवाद
विस्तार
जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि जम्मू कश्मीर का स्वास्थ्य क्षेत्र सभी के लिए उच्च गुणवत्ता वाली सस्ती, सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए महान परिवर्तन से गुजरा है। स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में पहले के क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
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जम्मू-कश्मीर कई मानकों पर राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। प्रशासन प्रदेश में आम लोगों के इलाज पर रोजाना 2 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है और हमारी 97 प्रतिशत आबादी के पास बीमा कवर है। उप राज्यपाल ने बुधवार को राजभवन जम्मू में मृतक एनएचएम कर्मचारियों के 34 परिवारों को 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की। इन कर्मचारियों ने कोविड और ड्यूटी के दौरान जन सेवा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया था।
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उपराज्यपाल ने कहा कि प्रदेश के 80 लाख नागरिकों को सेहत गोल्डन कार्ड प्रदान किए गए हैं और देश भर में 28000 अस्पतालों में उन्हें उपचार की सुविधा प्रदान की जा रही है। आज सभी जिलों में डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध है। सभी जिला अस्पतालों में जेरेट्रिक और पेडियाट्रिक वार्ड स्थापित किए गए हैं। वित्तीय सहायता एनएचएम के मृत कर्मचारियों की निस्वार्थ सेवा और बलिदान की भरपाई नहीं कर सकती है, लेकिन यह सुनिश्चित करना हमारा कर्तव्य और उत्तरदायित्व है कि उनके परिवार के सदस्य सम्मान और गरिमा का जीवन व्यतीत करें।
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कोविड महामारी और टीकाकरण अभियान में स्वास्थ्य कर्मियों, डाक्टरों और पैरा मेडिक्स ने अहम भूमिका निभाई है। स्वास्थ्य संकेतक आम नागरिकों की भलाई सुनिश्चित करने के हमारे प्रयासों का उदाहरण है। हमने अपनी स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी, जन केंद्रित और न्यायसंगत बनाने के लिए विशेष ध्यान रखा है। प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य व कल्याण केंद्रों के विस्तृत नेटवर्क, एमबीबीएस सीटों में पर्याप्त वृद्धि, सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज, एंबुलेंस सेवाओं, मोबाइल क्लीनिकों के अलावा चिकित्सा सुविधाओं के विकेंद्रीकरण ने दूरस्थ और दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार सुनिश्चित किया है।
कोई भी इलाज, कहीं भी, कभी भी, की व्यवस्था लागू करने के लिए कई सुधार किए गए हैं। ईसहज पहल में डॉक्टरों से आनलाइन अप्वाइंटमेंट और मरीज के मेडिकल रिकार्ड का डिजिटलीकरण शामिल है। इस पहल के तहत 575 स्वास्थ्य सुविधाएं शामिल हैं। स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव भूपेंद्र कुमार ने कहा कि जम्मू-कश्मीर अंशदायी कापर्स फंड के तहत एनएचएम कर्मचारियों को विकलांगता या मृत्यु के दौरान परिवारवालों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इस मौके पर मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन जम्मू कश्मीर संजीव गडकर आदि मौजूद रहे।